लखनऊ, राज्य ब्यूरो। उत्तर प्रदेश जनहित गारंटी अधिनियम-2011 को मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने प्रदेश सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल बताया। आनलाइन सेवाओं की समीक्षा करते हुए निर्देशित किया कि सभी विभाग अपने-अपने पोर्टल बनाएं। विभिन्न सेवाओं को इस अधिनियम के तहत अधिसूचित कर आनलाइन किया जाएगा। समय-समय पर इनका सरलीकरण भी किया जाना जरूरी है।

लोकभवन में आयोजित बैठक में मुख्य सचिव ने कहा कि जनहित गारंटी अधिनियम-2011 प्रदेश सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल है। जनता को पारदर्शी व समयबद्ध सेवा व्यवस्था देने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ संकल्पित हैं। उन्होंने सभी विभागों की विभिन्न सेवाओं को इस अधिनियम के तहत अधिसूचित करने का निर्णय लिया है।

यूपी सरकार सेवाओं में वृद्धि करने पर लगातार जोर दे रही है। उन्होंने कहा कि विभाग अपनी अधिसूचित सेवाओं को आनलाइन कराने की व्यवस्था करें। हर विभाग अपना-अपना पोर्टल बनाए। जहां सेवाओं से संबंधित अधिकारी का नाम, नंबर, ईमेल दर्ज हो। ऐसा प्रयास किया जाए कि शिकायतें आइजीआरएस पोर्टल के स्थान पर जनहित गारंटी अधिनियम के तहत संबंधित विभागों को मिलें। मुख्य सचिव ने कहा कि सभी विभाग अपने द्वारा दी जा रही सेवाओं की समीक्षा करें।

समय के साथ सेवाओं में सुधार के साथ सरलीकरण और डिजिटलीकरण की आवश्यकता है। किसी न किसी अधिकारी को नामित करें, जो इसकी जांच करते रहें कि व्यवस्था सुचारु चल रही है। लापरवाही करने वाले अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई या अर्थदंड दिया जाएगा। उत्तर प्रदेश जनहित गारंटी अधिनियम-2011 के तहत कुल 379 सेवाएं अधिसूचित कराई जा चुकी हैं।

Edited By: Prabhapunj Mishra