लखनऊ, जेएनएन। नए भारत के पास तेजस जैसे हल्के लड़ाकू एयरक्राफ्ट, एंटी सेटेलाइट मिसाइल ए-सेट और अर्जुन टैंक जैसे मारक हथियारों की लंबी श्रंखला है। वहीं अब समुद्र पर भी भारतीय तकनीक अपनी क्षमता दिखा रही है। भारत अब पनडुब्बी युद्धपोत और फ्रिगेट्स बनाकर उनका निर्यात दूसरे देशों को कर सकता है। डिफेंस एक्सपो में रक्षा मंत्रालय के मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लि. और गोवा शिपयार्ड लि. के स्टॉलों पर यह सबमरीन और युद्धपोत प्रदर्शनी के लिए लगाए गए हैं। 

देश के लिए छह सबमरीन बनाने का प्रोजेक्ट मझगांव डॉक शिपबिल्डिर्स लि. को मिला है। इस शिपबिल्डर्स ने देश की पहली स्कोर्पिन सबमरीन आइएनएस कलवरी को बनाया। जिसका उद्घाटन 14 दिसंबर 2017 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। जबकि 28 सितंबर 2019 को कमीशंड हुई दूसरी सबमरीन खंदेरी का उद्घाटन रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने किया। दो अन्य सबमरीन का ट्रायल शुरू हो गया है। जबकि दो सबमरीन में उपकरणों की फिटिंग चल रही है।

युद्धपोत के क्षेत्र में भी यह काम कर रहा है। पी15-बी क्लास और पी17-ए क्लास के चार-चार डिस्ट्रायर भी तैयार किए हैं। पी15-बी डिस्ट्रायर 163 मीटर लंबा है। इसमें प्रपोल्ड चार गैस टर्बाइन हैं। यह 30 नॉटिकल मील प्रति घंटे की गति से समुद्र में चल सकता है। सेंसर, एडवांस इंफारमेशन व कम्युनिकेशन सिस्टम के साथ मारक हथियार भी हैं। वहीं पी17-ए क्लास की फ्रिगेट्स की लंबाई 143 मीटर है। इसमें दो डीजल इंजन हैं। इसमें इंटीग्रेटेड ब्रिज सिस्टम और कॉम्बैट मैनेजमेंट सिस्टम भी है। इसके अलावा एंटी शिप वारफेयर के लिए मिसाइल बोट, कोस्टल क्षेत्र की पेट्रोलिंग के लिए पेट्रोल वेसेल्स दुनिया के लिए आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। वहीं गोवा शिपयार्ड लि. 35 नॉटिकल मील प्रति घंटे की गति से चलने वाला फास्ट पेट्रोल वेसेल्स, एयरक्राफ्ट कैरियर के लिए तटीय टेस्ट सिस्टम, माइन काउंटर मीजर वेसेल्स और डैमेज कंट्रोल सिम्युलेटर एक्सपो में मेड इन इंडिया की तकनीक को आगे बढ़ा रहे हैं।

मजबूत होंगे मोजाम्बिक और भारत के रिश्ते

डिफेंस एक्सपो को लेकर मोजाम्बिक खासी रुचि दिखा रहा है। मोजाम्बिक को उम्मीद है कि एक्सपो से दोनों देशों के रिश्ते और मजबूत होंगे। भारत में मोजाम्बिक रिपब्लिक के हाई कमीशन ब्रिगेडियर जनरल अनिबल एम फर्नांडो का कहना है दोनों देश एक-दूसरे को अपनी सूचनाएं साझा करने के क्षेत्र में अहम भूमिका निभा रहे हैं। भारत और मोजाम्बिक एक ही ओशन को साझा करते हैं। एक्सपो से मिलिट्री कोऑपरेशन को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। 

Posted By: Anurag Gupta

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