लखनऊ, जागरण संवाददाता। लखनऊ में उप्र लोक सेवा आयोग की प्रारंभिक परीक्षा सुबह 9:30 से शुरू हुई। लखनऊ में बने 117 परीक्षा केंद्रों के लिए पंजीकृत 55131 परीक्षार्थियों में 27029 परीक्षार्थी ही शामिल हुए। तलाशी के साथ अभ्यर्थियों को अंदर जाने दिया गया। दूसरी पाली दोपहर 2:30 बजे से शुरू होगी। पहली पाली में पारा के राम विहार कालोनी के मानवता इंटर कालेज में में परीक्षा देने आई भारत अवार्ड विजेता रेशमा फातिमा के साथ तलाशी के नाम पर शिक्षकों ने अभद्रता की। एसिड पीड़ित हाेने और 2015 में भारत अवार्ड पाने की दुहाई देने के बावजूद शिक्षक नहीं माने। परीक्षा दिलाने गए मामा इरफान अहमद से भी अभद्रता की और सरकारी कार्य में बाधा डालने का मुकदमा दर्ज करने की धमकी दी।

इरफान ने परीक्षा के नोडल अपर जिलाधिकारी से शिकायत की है। अपर जिलाधिकारी ने कार्रवाई का आश्वासन दिया है। बताते चलें कि कानपुर रोड के ट्रांसपोर्टनगर स्थित बदाली खेड़ा की रहने वाली रेशम के चेहरे पर रिश्तेदार ने तेजाब डाल दिया। झुलसा चेहरा दर्द लिए दर्द से कराहती रेशम ने हिम्मत दिखाई और रमाबाई रैली स्थल के पुलिस चौकी तक पहुंच गई। वहां से आननफानन उसे लोकबंधु अस्पताल में भर्ती कराया गया। वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रेशम फातिमा को भारत अवार्ड के रूप में गोल्ड मेडल दिया। गोल्ड मेडल पाने वाली वह देश की इकलौती बहादुर थी। नौ फरवरी 2015 को प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रानी लक्ष्मी बाई के नाम से शुरू होने वाला पहला अवार्ड में रेशम को देकर उसके हौसले की दात दी। उसकी बहादुरी को एक पुस्तक के रूप में समाज के सामने लाने की तैयारी की जा रही है।

अक्टूबर 2015 को दिल्ली में उसकी जीवनी पर लिखी पुस्तक का विमोचन पूर्व लोकसभा अध्यक्ष नजमा हेपतुल्ला ने किया। रेशम का कहना है कि अबला तभी सबला बन सकती है जब खुद के अंदर समाज में खड़े होने का जज्बा और हौसला हो। इस जज्बे को सिस्टम ने पलीता लगा दिया है। जिस दुपट्टे से एसिड वाले चेहरे को हिजाब से ढका था उसे खाेलकर शिक्षकोें ने मेरे साथ अभद्रता की। मेेरे चेहरे पर लगे एसिड के जख्म से अधिक गहरा जख्म इस सिस्टम ने दिया है। कार्रवाई नहीं हुई तो मैं मुख्यमंत्री से लेकर प्रधानमंत्री तक शिकायत करूंगी। परीक्षा के नोडल अधिकारी ने कार्रवाई का भरोसा दिया है।

Edited By: Anurag Gupta