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यूपी में अनुदानित मदरसों पर बढ़ी सख्ती, बायोमेट्रिक हाजिरी सुनिश्चित करेंगे डीएमओ; तभी मिलेगा वेतन

Published: Tue, 16 Jun 2026 07:53 AM (IST)

अनुदानित मदरसों में छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए आधार आधारित बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य कर दी गई है।

मदरसों में बायोमेट्रिक हाजिरी का जिम्मा डीएमओ को। (तस्वीर- फाइल)

मदरसों में बायोमेट्रिक हाजिरी का जिम्मा डीएमओ को। (तस्वीर- फाइल)

HighLights

  1. अनुदानित मदरसों में बायोमेट्रिक हाजिरी छात्रों, शिक्षकों, कर्मचारियों के लिए अनिवार्य।

  2. डीएमओ करेंगे बायोमेट्रिक सिस्टम की निगरानी और स्थापना सुनिश्चित।

  3. वेतन और छात्रों की उपस्थिति का सत्यापन बायोमेट्रिक डेटा से।

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। प्रदेश का अनुदानित मदरसों में अध्यनरत छात्रों, शिक्षकों, कर्मचारियों को आधार आधारित बायोमेट्रिक उपस्थति दर्ज करानी होगी। जिसके आधार पर वेतन बनेगा।

छात्रों की उपस्थति ली जाएगी। इसकी निगरानी की जिम्मेदारी जिला अल्पसंख्यक अधिकारियों (डीएमओ) की होगी।

मदरसा शिक्षा बोर्ड की रजिस्ट्रार अंजना सिरोही ने डीएमओ को भेजे गये निर्देश में कहा है कि 23 मई को शासन ने मदरसों में बायोमेट्रिक हाजिरी लेने का निर्देश दिया था। अभी इसका पूर्ण पालन नहीं किया गया है।

जिससे मदरसों छात्रों, शिक्षकों की वास्तिक उपस्थिति का सत्यापन नहीं हो रहा है। डीएमओ को निर्देशित किया गया है कि जिन मदरसों में बायोमेट्रिक नहीं है, वहां अपनी देखरेख में सिस्टम लगावायें। इस प्रणाली की लगातर निगरानी की जाए।

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