लखनऊ, जागरण संवाददाता। मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे एंबुलेंस कर्मचारियों की अराजकता मंगलवार रात सड़क पर उतर आयी। प्रदर्शनकारियों ने वर्कशाप से अस्पताल जा रही एंबुलेंस सेवा 102 की गाड़ी रोक ली। प्रदर्शनकारियों ने चालक और एमटी को एंबुलेंस से उतार कर सड़क पर जमकर पीटा। एंबुलेंस में तोड़फोड़ की कोशिश की। इस बीच, नाका पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने तीन हमलावरों को दबोच लिया। जबिक अन्य भाग निकले। 

इंस्पेक्टर नाका मनोज कुमार मिश्रा के मुताबिक बुधवार रात एंबुलेंस सेवा 102 के चालक दाता राम और एमटी (सहायक) विष्णु शरण व वर्कशाप एंबुलेंस लेकर अस्पताल जा रहे थे। इस बीच चारबाग में प्रदर्शनकारियों में अरविंद, अनुज, शैलेंद्र व उनके अन्य साथियों ने एंबुलेंस रोक ली। इसके बाद चालक और सहायक से गाली-गलौज करते हुए उसे नीचे उतारा। उतारने के बाद एंबुलेंस चलाने का विरोध किया और पीटने लगे। शोर सुनकर गश्त कर रहे पुलिस कर्मी दौड़े उन्होंने हमलावरों को रोकने का प्रयास किया लेकिन वह नहीं माने। इंस्पेक्टर ने बताया कि सूचना पर वह पुलिस बल लेकर पहुंचे और घेराबंदी करने लगे तो हमलवार भागे। पुलिस टीम ने भाग रहे तीन हमलावरों को धर दबोचा। उन्हें थाने लेकर पहुंचे। तहरीर के आधार पर हमलवार अरविंद, शैलेंद्र और अनुज समेत अन्य पर मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। जबकि अन्य की तलाश में दबिश दी जा रही है। 

प्रदर्शनकारी बोले, न काम करेंगे न करने देंगेः इंस्पेक्टर मनोज कुमार मिश्रा के अनुसार प्रदर्शनकारी अनुज, शैलेंद्र और उनके अन्य साथियों ने एंबुलेंस चालक और एमटी को धमकी भी दी है। उनसे कहा कि न वे काम करेंगे और न ही करने देंगे। इंस्पेक्टर ने बताया कि ऐसी अराजकता पर पूरी तरह से लगाम लगाया जाएगा। हमलवारों के अन्य साथियों की तलाश में दबिश दी जा रही है। ऐसा करने वालों को छोड़ा नहीं जाएगा। निगरानी के लिए टीम लगाई गई है। 

Edited By: Vikas Mishra