लखनऊ, जेएनएन। लॉकडाउन 0.4 खत्म होने वाला है और आगे अगर इसमें रियायत मिलती है तो जून में विश्वविद्यालयों की वार्षिक और सेमेस्टर परीक्षाएं शुरू की जाएंगी। उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा विभाग की ओर से सभी विश्वविद्यालयों से परीक्षा कार्यक्रम मांगा जा चुका है। पांच विश्वविद्यालय ऐसे हैं जिन्होंने अभी तक परीक्षा कार्यक्रम नहीं दिया। ऐसे में अब उनसे परीक्षा कार्यक्रम मांगा गया है। कई विश्वविद्यालय में कुछ ही परीक्षाएं शेष रह गई हैं। ऐसे में वहां जिन विषयों के इम्तिहान हो चुके हैं, उनकी उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य शुरू करने को कहा गया है। फिलहाल छह जुलाई से विश्वविद्यालयों में नया सत्र शुरू होगा।

विशेष सचिव उच्च शिक्षा योगेश दत्त त्रिपाठी की ओर से जिन पांच विश्वविद्यालयों से परीक्षा कार्यक्रम मांगा गया है। उनमें डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय है। यहां 14 मई से परीक्षाएं प्रस्तावित थी लेकिन नहीं हुईं। ऐसे में यहां नया परीक्षा कार्यक्रम तैयार किया जा रहा है। उधर महात्मा ज्योतिबा फुले विश्वविद्यालय बरेली, सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ वाराणसी और वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर ने अभी तक परीक्षा कार्यक्रम घोषित नहीं किया है। ऐसे में इन सभी से परीक्षा जल्द घोषित करने और जून में परीक्षाएं करवाने के निर्देश दिए गए हैं।

इसके अलावा ज्यादातर विश्वविद्यालय ने जून के पहले हफ्ते से लेकर जुलाई तक परीक्षाएं करवाने का प्रस्ताव भेजा है। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर सेमेस्टर की प्रायोगिक परीक्षाएं 15 जून से परीक्षाएं शुरू करेगा और लिखित परीक्षाएं एक जुलाई से शुरू करेगा। ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती उर्दू- अरबी, फारसी विश्वविद्यालय लखनऊ एक जून से आंतरिक मूल्यांकन की परीक्षाएं शुरू करेगा। दीन दयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय गोरखपुर ने जून के पहले हफ्ते में अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों की परीक्षाएं करवाने का फैसला किया है।

बुंदेलखंड विश्वविद्यालय झांसी जून के प्रथम सप्ताह में और लखनऊ विश्वविद्यालय 15 जून से परीक्षाएं शुरू करेगा। डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा ने एक जुलाई से परीक्षाएं करवाने का निर्णय लिया है। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ में 10 जून से, जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय बलिया ने छह जून से और संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय वाराणसी ने 14 जून से परीक्षाएं शुरू करने का प्रस्ताव रखा है। अगर आगे सब कुछ ठीक रहा तो शारीरिक दूरी के मानकों का पालन कर अधिक से अधिक परीक्षा केंद्र बनाकर इम्तिहान करवाए जाएंगे। परीक्षाएं तीन घंटे की बजाए दो घंटे में होंगी। परीक्षाएं तीन पालियों में करवाई जा सकेंगी इसके लिए विवि स्वतंत्र हैं।

Posted By: Umesh Tiwari

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