मोदी सरकार - 2.0 के 100 दिन

लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति अब प्रख्यात शायर मुनव्वर राना का सुर बदल गया है। पीएम ऑफिस के निमंत्रण पर अगले हफ्ते प्रधानमंत्री से मुलाकात करने को तैयार मुनव्वर राना अब पीएम नरेंद्र मोदी को अपने बड़े भाई का दर्जा दे रहे हैं।

साहित्य अकादमी पुस्कार से सम्मानित शायर मुनव्वर राना ने कहा है कि नरेंद्र मोदी अगर बड़े भाई की हैसियत से कहेंगे तो मैं उनका जूता भी उठा लूंगा। मैं व्यक्ति के रूप में उनकी बड़ी इज्जत करता हूं। उन्होंने कहा कि अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहेंगे तो मैं साहित्य अकादमी अवार्ड स्वीकार कर लूंगा। मुनव्वर राना ने कहा कि मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जल्दी ही अगले हफ्ते मुलाकात करूंगा। पीएम मोदी अगर कहेंगे तो मैं साहित्य अकादमी अवार्ड स्वीकार कर लूंगा। प्रधानमंत्री अगर कहेंगे तो फिर मैं इस अवार्ड को वापस नहीं करूंगा। इसमें पीएम को जहमत भी नहीं दूंगा। अवार्ड किसी से भी ले लूंगा। उन्होंने कहा कि मोदी और मेरी भेंट तो दो बेटों की मुलाकात होगी। मुझे किसी बात का कोई लालच नहीं है। बस अपनी बात कहना चाहता हूं।

लखनऊ में आज शायर मुनव्वर राना ने कहा कि मुझे सत्ता व ईनाम का जरा भी शौक नहीं है। सत्ता तो मेरे शहर की नालियों में बहती है। उन्होंने कहा कि मैं तो उसूलों पर चलने वाला व्यक्ति हूं। मर जाऊंगा पर अपने उसूलों से नहीं हटूंगा। उन्होंने कहा कि आपसी भाईचारे का माहौल भी बनाना है। उन्होंने कहा कि हम एक होकर रहेंगे, तभी बेहतरी है, वर्ना महफूज़ तो हम भी नहीं है, लेकिन मेरी जिंदगी में चोर दरवाजा नहीं है।

मुनव्वर राना ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद सच बताने वाला भी कोई शख्स होना चाहिए। सिर्फ खुशामत करने वाले व्यक्ति कभी-कभी बेहद घातक हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के पास अपने नौ रत्न होंगे पर इनमें एक रत्न साहित्यकार भी हो तो बेहतर होगा। इन नौ रत्नों में अगर उनके मुफीद साहित्यकार नहीं मिले तो कवि को ही जगह दे दें।

उत्तर प्रदेश के दादरी से बिसाहड़ा गांव में मोहम्मद इकलाख की हत्या के बाद साहित्यकारों की तर्ज पर साहित्य अकादमी पुरस्कार लौटाने वाले शायर मुनव्वर राना को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यालय से पीएम से मुलाकात का न्यौता आया है। माना जा रहा है कि अगले हफ्ते पीएम मोदी से शायर मुनव्वर राना की मुलाकात होगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मशहूर शायर मुनव्वर राना को मुलाकात करने के लिए आमंत्रित किया है। मुनव्वर राना ने देश के अन्य साहित्यकारों की तरह ही देश के बिगड़ रहे माहौल को लेकर साहित्य अकादमी सम्मान तथा धनराशि को वापस कर दिया है।

प्रख्यात शायर हाल में ही एक टीवी पर डिबेट के दौरान देश के हालात पर फूट-फूटकर रोये थे। पीएमओ ने मुनव्वर राना से मुलाकात करने के लिए संपर्क स्थापित किया है। मुनव्वर राना ने अपने ट्वीट में भी इसकी पुष्टि की है। मुनव्वर राना ने पीएमओ से कुछ और साहित्यकारों को भी निमंत्रण देने का सुझाव दिया है। राना ने कहा है कि इससे काफी अच्छा संदेश जाएगा।

Posted By: Dharmendra Pandey

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