लखनऊ: आईएएस दुर्गा शक्ति नागपाल पर अवमानना केस; 22 सितंबर को होगी सुनवाई
आईएएस दुर्गा शक्ति नागपाल के खिलाफ सिविल जज को प्रभावित करने के आरोप में दर्ज आपराधिक अवमानना मामले की सुनवाई ...और पढ़ें
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प्रतीकात्मक तस्वीर।
HighLights
आईएएस दुर्गा शक्ति नागपाल पर आपराधिक अवमानना का मामला दर्ज।
गोंडा भूमि विवाद में सिविल जज को प्रभावित करने का आरोप।
हाई कोर्ट में अगली सुनवाई 22 सितंबर को होगी।
जागरण संवाददाता, लखनऊ। गोंडा के एक भूमि विवाद की सुनवाई कर रही सिविल जज (सीनियर डिवीजन) को फोन कर मुकदमे को प्रभावित करने के मामले में मंडलायुक्त व वरिष्ठ आईएएस अधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल के विरुद्ध स्वत: संज्ञान से दर्ज आपराधिक अवमानना मामले की बुधवार को सुनवाई हुई। हालांकि, समय की कमी के कारण सुनवाई पूरी नहीं हो सकी।
हाई कोर्ट ने मामले को अगली सुनवाई के लिए 22 सितंबर को सूचीबद्ध करने का आदेश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति रजनीश कुमार और न्यायमूर्ति बबीता रानी की खंडपीठ ने पारित किया। मामले के अनुसार, गोंडा की सिविल जज शबीना खान ने जनपद न्यायाधीश को पत्र भेजकर आरोप लगाया था कि मंडलायुक्त ने 15 जुलाई को उन्हें फोन किया था।
फोन पर लंबित मुकदमे के संबंध में बातचीत करने का प्रयास किया गया। सिविल जज द्वारा मामले में बात करने से इन्कार करने पर मंडलायुक्त ने उन्हें भला-बुरा कहा। सिविल जज ने पत्र में संबंधित मुकदमे को अपनी अदालत से स्थानांतरित करने का अनुरोध भी किया था। मामला बाद में एकल पीठ के समक्ष पहुंचा।
स्थानांतरण याचिका पर सुनवाई के दौरान एकल पीठ ने फोन काल से जुड़े आरोपों को गंभीरता से लेते हुए कहा था कि इन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। पीठ ने कहा था कि सिविल जज द्वारा बातचीत के लहजे और भाषा के संबंध में बताए गए तथ्यों से प्रथमदृष्टया यह आभास होता है कि उन्हें पीठासीन अधिकारी के रूप में प्रभावित करने का प्रयास किया गया।
उल्लेखनीय है कि तीन सितंबर को मामले की सुनवाई कर रहे न्यायमूर्ति प्रमोद कुमार श्रीवास्तव ने खुद को सुनवाई से अलग कर लिया था। इसके बाद मुख्य न्यायमूर्ति के निर्देश पर मामले को नई खंडपीठ के समक्ष भेजा गया।
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