लखनऊ, जेएनएन। दहेज के लिए पत्‍नी की हत्‍या के आरोप में पति को 10 साल की सजा सुनाई गई है। आरोपी श्रीकांत दुबे को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विशेष न्यायाधीश अल्पना शुक्ला ने दस वर्ष के कारावास साथ 62 हजार रुपये के जुर्माना की सजा सुनाई है।

अदालत ने अपने निर्णय में कहा है कि पीडि़त पक्ष को अर्थदंड की धनराशि से प्रतिकर दिलाने के लिए निर्णय की एक प्रति जांच के लिए  सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ को भेजी जाए। अदालत के समक्ष सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता दुष्यन्त मिश्रा का तर्क था कि घटना की रिपोर्ट मृतका मनोज कुमारी के पिता हरीश कुमार पांडेय द्वारा दो अगस्त 2015 को ठाकुरगंज थाने पर लिखाई गई थी। जिसमें कहा गया था कि लगभग एक वर्ष पहले अपनी पुत्री की शादी श्रीकांत दुबे के साथ किया था। कहा गया है कि शादी के बाद उसकी पुत्री एवं श्रीकांत दुबे ठाकुरगंज थाना क्षेत्र के सज्जाद गंज में रहने लगे। आरोप है कि ससुराल पक्ष के लोग कम दहेज का ताना देकर उसकी पुत्री को परेशान करते थे।

बहस के दौरान यह भी कहा गया कि वादी की पुत्री को दहेज के लिए भूखा रखा जाता था तथा उसके जेठ अपशब्द कहते थे। जिसके चलते 20 जुलाई 2015 को उसकी हत्या कर दी। घटना की सूचना 30 जुलाई को मिलने पर ठाकुरगंज थाने पर रिपोर्ट लिखाई गयी थी। अदालत ने कहा है कि अभियुक्त द्वारा अपनी पत्नी के साथ मारपीट, गाली गलौज एवं दहेज न मिलने पर प्रताडि़त करने व हत्या करने का आरोपित साबित है। लिहाजा उसे कारावास एवं अर्थ दंड की सजा से दंडित किया जाता है।

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