गृहमंत्री अमित शाह ने किया UP BJP कार्यसमिति बैठक का किया शुभारंभ, कार्यकर्ताओं को सौंपे पांच प्रमुख लक्ष्य
Amit Shah: डॉ. राम मनोहर लोहिया विधि विश्वविद्यालय के डॉ. भीमराव आंबेडकर प्रेक्षागृह में प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में प्रदेशभर से कुल 2850 कार्यकर्ताओं को आमंत्रित किया गया है।
HighLights
लखनऊ में उत्तर प्रदेश भाजपा की दो दिवसीय प्रदेश कार्यसमिति बैठक
बैठक में उत्तर प्रदेश और राष्ट्रीय पदाधिकारी भी मौजूद
2027 के लिए भाजपा का संगठन पर फोकस, बूथ से जिला स्तर तक सक्रियता बढ़ाने का लक्ष्य
अमित शाह की मौजूदगी में वंदे मातरम के साथ शुरू हुई प्रदेश कार्यसमिति की बैठक, पंकज चौधरी ने किया स्वागत
राज्य ब्यूरो, जागरण, लखनऊ:उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर भाजपा ने संगठन को बूथ स्तर से मजबूत करने की रणनीति पर काम तेज कर दिया है। चुनाव की तैयारियों को धार देने के लिए भाजपा ने संगठनात्मक स्तर पर अपनी कवायद तेज कर दी है। इसी क्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शुक्रवार को लखनऊ पहुंचे और उत्तर प्रदेश भाजपा की कार्यसमिति की बैठक का शुभारंभ किया।
इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह, प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक भी मौजूद रहे। सभी ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की।
लखनऊ में आयोजित भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में संगठन की मजबूती, कार्यकर्ताओं की सक्रियता और आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर मंथन हुआ। वंदे मातरम के साथ बैठक की शुरुआत हुई। सुबह 11:45 बजे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कार्यक्रम स्थल पहुंचे। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी ने उनका स्वागत किया।
कार्यसमिति में राष्ट्रीय महामंत्री स्मृति इरानी, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष को कैबिनेट स्वतंत्र देव सिंह भूपेंद्र चौधरी , पूर्व प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र पांडेय, डा. लक्ष्मीकांत वाजपेयी, विनय कटियार समेत पार्टी के वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी भी मौजूद रहे। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कार्यसमिति की शुरुआत करते हुए कार्यकर्ताओं को आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटने का संदेश दिया। उन्होंने संगठन की रूपरेखा, बूथ स्तर पर सक्रियता बढ़ाने और चुनाव से पहले संगठनात्मक गतिविधियों को गति देने पर जोर दिया।
कार्यकर्ताओं को पांच प्रमुख लक्ष्य
प्रदेश कार्यसमिति में संगठन को मजबूत करने के लिए पांच प्रमुख बिंदुओं पर विशेष ध्यान देने का लक्ष्य रखा गया है।
इनमें बूथों की मजबूती, प्रत्येक बूथ पर कार्यकर्ताओं की सक्रियता और आपसी संवाद, मंडल एवं जिला स्तर पर नियमित बैठक और समीक्षा, युवाओं-महिलाओं-उद्यमियों तथा नए मतदाताओं के बीच संगठन की पहुंच बढ़ाना और कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण शामिल है।
पार्टी का जोर है कि बूथ समितियां नियमित रूप से सक्रिय रहें और संगठन के विभिन्न स्तरों पर समन्वय बना रहे। मंडल और जिला स्तर पर बैठकों के माध्यम से संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा की जाए, ताकि कमजोरियों की पहचान कर समय रहते सुधार किया जा सके।
सामाजिक समरसता और जनसंपर्क पर भी जोर
बैठक में सामाजिक समरसता और सर्वसमावेशी विकास को लेकर भी कार्यकर्ताओं की भूमिका महत्वपूर्ण बताई गई। पार्टी की रणनीति समाज के विभिन्न वर्गों के बीच संवाद बढ़ाने और उनकी समस्याओं को समझने पर केंद्रित है। युवाओं, महिलाओं और नए मतदाताओं तक पहुंच बढ़ाने के साथ कार्यकर्ताओं को सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों को जनता के बीच प्रभावी ढंग से रखने की जिम्मेदारी भी दी गई।
वर्ष 2027 में उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर होने वाले चुनाव को देखते हुए भाजपा संगठन को लगातार सक्रिय रखने की दिशा में आगे बढ़ रही है। प्रदेश कार्यसमिति के जरिए पार्टी ने स्पष्ट संदेश दिया कि चुनावी तैयारी केवल मतदान से कुछ महीने पहले शुरू होने वाली प्रक्रिया नहीं है, बल्कि बूथ स्तर पर निरंतर काम, नियमित समीक्षा और कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी से ही संगठन को मजबूत बनाया जा सकता है।
इसके पहले चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और दोनों उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य तथा ब्रजेश पाठक ने उनका स्वागत किया।
डॉ. राम मनोहर लोहिया विधि विश्वविद्यालय के डॉ. भीमराव आंबेडकर प्रेक्षागृह में इस कार्यक्रम में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य व ब्रजेश पाठक के साथ सांसद, विधायक भी मौजूद हैं। प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में प्रदेशभर से कुल 2850 कार्यकर्ताओं को आमंत्रित किया गया है।
अमित शाह ने प्रदेश प्रभारी रहते हुए 2014 लोकसभा चुनाव में प्रबंधन का कौशल दिखाया था, वहीं 2017 विधान सभा चुनाव की भी दिल्ली से मॉनिटरिंग की थी।
