लखनऊ [राज्य ब्यूरो]। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार अब होमगार्ड स्वयंसेवकों को प्रशिक्षण अवधि में भी ड्यूटी के दौरान मिलने वाले भत्ते प्रदान करेगी। मंगलवार को योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में होमगार्ड विभाग के इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। अभी तक होमगार्ड को प्रशिक्षण अवधि में मात्र 260 रुपये प्रतिदिन प्रशिक्षण भत्ता मिलता था, इस कारण होमगार्ड स्वयंसेवकों का प्रशिक्षण में मन नहीं लगता था।

होमगार्ड को ड्यूटी भत्ते के रूप में 786 रुपये प्रतिदिन मिलते हैं। समय-समय पर सरकार इनकी क्षमता में वृद्धि के लिए इन्हें प्रशिक्षण पर भेजती रहती है। इस दौरान इन्हें मात्र 260 रुपये प्रतिदिन ही मिलते थे। नई व्यवस्था के तहत अब होमगार्ड स्वयंसेवक को प्रशिक्षण अवधि के दौरान भी ड्यूटी भत्ता दिया जाएगा। यानी इन्हें प्रशिक्षण के दौरान भी 786 रुपये प्रतिदिन मिलेंगे। इससे होमगार्ड अब मन लगाकर प्रशिक्षण में हिस्सा ले सकेंगे।

श्रृंगवेरपुर धाम के सुंदरीकरण पर खर्च होंगे 368 लाख रुपये : प्रयागराज स्थित श्रृंगवेरपुर धाम निषादराज पार्क (फेज-1) के निर्माण के साथ कुछ उच्च विशिष्ट काम होने हैं। इसके लिए पर्यटन विभाग की ओर से कैबिनेट में 368.19 लाख रुपये का प्रस्ताव रखा गया। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बतााया कि प्रस्ताव को स्वीकृति मिल गई है। अब इस बजट से उच्च विशिष्ट कार्याें के तहत स्टोन वर्क वाल लाइनिंग, आरनामेंटल स्टोन वर्क फार वाल लाइनिंग, आरनामेंटल स्टोन वर्क फार आर्च डिजाइन, ग्रेनाइट फ्लोरिंग, स्टोन वर्क इन कूपिंग, स्टोन क्लेडिंग, मकराना स्टोन फ्लोरिंग, ग्रेनाइट कोबल आदि कराया जाएगा।

उन्होंने कहा कि श्रृंगवेरपुर धाम का पौराणिक, ऐतिहासिक, धार्मिक व पुरातात्विक महत्व है। यह मां गंगा के तट पर प्रयागराज में माता शान्ता एवं श्रृंगी ऋषि की तपोभूमि है। वन गमन के समय मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम ने माता सीता और अनुज लक्ष्मण के साथ आश्रम में रात्रिवास किया। दूसरे दिन निषादराज ने अपनी नौका से उन्हें गंगा पार पहुंचाया था। महत्व देखते हुए धाम का विकास कराया जा रहा है। उप्र प्रोजेक्ट कारपोरेशन लिमिटेड को कार्यदायी संस्था नामित किया गया है।

नमक, चना और रिफाइंड वितरण पर खर्च हुआ 3196.81 करोड़ : अन्त्योदय एवं पात्र गृहस्थी कार्ड धारकों को खाद्यान्न, आयोडाइज्ड नमक, साबुत चना एवं रिफाइंड सोयाबीन तेल का निश्शुल्क वितरण कराने पर प्रदेश सरकार ने 3196.81 करोड़ रुपये खर्च किए। इस अनुमानित व्ययभार के प्रस्ताव को कैबिनेट ने स्वीकृति दे दी है। उल्लेखनीय है कि 26 मार्च, 2022 को कैबिनेट की बैठक में ही निर्णय लिया था कि सभी राशन कार्ड धारकों को अप्रैल से जून, 2022 (कुल तीन माह) तक प्रत्येक राशन कार्ड पर एक किलो ग्राम आयोडाइज्ड नमक, एक लीटर रिफाइंड तेल और एक किलोग्राम दाल/साबुत चना का वितरण निश्शुल्क किया जाए।

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Edited By: Umesh Tiwari