अयोध्‍या, [प्रहलाद तिवारी]। तहसील की सुरक्षा में बड़ी लापरवाही सामने आई है। जिस होमगार्ड की दो माह पूर्व मौत हो गई थी, विभाग उसी होमगार्ड की तहसील की सुरक्षा में ड्यूटी लगाता रहा। तहसीलदार प्रज्ञा सि‍ंह ने जब अनुपस्थित होमगार्ड की जांच शुरू की तो जो तस्वीर सामने आई, उसने सभी को चौंका दिया। इस प्रकरण ने विभागीय संवेदनशीलता की पोल खोल कर रख दी है।

दरअसल, तहसील परिसर में तीन होमगार्ड की ड्यूटी लगती थी। एक होमगार्ड के अनुपस्थिति को लेकर तहसीलदार प्रज्ञा सि‍ंह ने जांच पड़ताल शुरू की तो पता चला कि होमगार्ड दो माह से ड्यूटी पर नहीं आ रहा है, कारणों की जांच हुई तो पता चला कि दो माह पहले मौत हो चुकी थी। तहसीलदार ने जिला कमांडेंट को पूरे मामले से अवगत कराया तो विभाग में हलचल मच गई। भौली गांव निवासी होमगार्ड फूलचंद्र की चार जून को बीमारी से मौत हो गई थी, लेकिन होमगार्ड विभाग के कागजों में वह जीवित था। मृत्यु के बाद भी जून व जुलाई दो माह तक उसकी ड्यूटी लगती रही।

तहसीलदार ने बताया कि जून माह में ही जिला कमांडेंट को होमगार्ड की मौत हो जाने के बाद भी ड्यूटी लगाने की जानकारी दी गई थी, फिर भी जुलाई माह में मृतक होमगार्ड की ड्यूटी लगा दी गई। बताया कि जिला कमांडेंट को पत्र लिखा जा रहा है। सहायक कमांडेंट अनिल तिवारी ने बताया कि फूलचंद नाम के रुदौली में तीन होमगार्ड हैं, जिसके चलते ड्यूटी लगाते वक्त गलती हुई है। अब मृतक होमगार्ड का नाम आनलाइन ड्यूटी साफ्टवेयर से हटा दिया गया है।

Edited By: Anurag Gupta