लखनऊ, जेएनएन। विकास दुबे का मकान एलडीए की जांच में प्रथमदृष्ट्या अवैध पाया गया है। यहां करीब छह हजार वर्ग फीट में साल 2002 में धर्मेंद्र ग्रोवर के नाम से एक नक्शा पास किया गया था। मगर इंद्रलोक कॉलोनी में इस एक नक्शे पर चार मकान बनाए गए हैं। चारों मकान के नंबर अलग अलग हैं। एलडीए ने अब विकास दुबे की पत्नी ऋचा दुबे को स्वीकृत भवन मानचित्र प्रस्तुत करने का नोटिस जारी किया है। उनको तीन दिन का समय दिया गया है। कृष्णा नगर कालोनी के इंद्रलोक कालोनी में स्थित विकास दुबे के मकान के अलावा इस भवन से जुड़े तीन और भवन स्वामियों को भी नोटिस जारी की गई है। एलडीए के अधिशासी अभियंता कमलजीत सिंह ने ये जानकारी दी है।

एलडीए के लिए अब जांच का विषय ये है कि क्या कभी इस नक्शे के आधार पर एलडीए में सब डिवीजन करवाया गया है क्या। अगर सब डिवीजन हुआ है तो कार्रवाई की उम्मीद कम है। अगर सब डिवीजन नहींं हुआ है तो फिर विकास दुबे के मकान के खिलाफ एक्शन लेने का रास्ता खुल जाएगा। प्राधिकरण के एक अधिकारी ने बताया कि मकान जे 424 का निर्माण बिल्डर ने किया था। धमेंद्र ग्राेवर के नाम से 2002 में मानचित्र पास किया गया। जिसे चार हिस्सो में बनाया गया है जिसमे जे-424ए, जे-424 बी,जे-424सी व जे-424डी अभिलेखों में दर्ज है।

नक्शा एक पास किया गया और चार मकानों को एक साथ बनवाया गया हैं, सभी मकानों की छतें एक दूसरे से जुड़ी हुई है। सभी मकानों के रकबे लगभग बराबर हैं। इस तरह से एक नक्शे पर चार मकान बनाना उसी दशा में वैध है जबकि इस जमीन का सब डिवीजन करवाया गया हो मगर इसकी संभावना भी कम है। सब डिवीजन की जांच के लिए पत्रावली बुधवार को इंजीनियिरंग विभाग में जाएगी। जहां से मिलने वाली रिपोर्ट बहुत महत्वपूर्ण होगी 

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