बहराइच, जेएनएन। Lucknow-Nepal Highway: नेपाल की ओर से सीमा के समानांतर सड़क बनाए जाने व सामरिक-आर्थिक मूल्यों को देखते हुए केंद्र सरकार ने भी राजधानी से नेपाल को सीधे जोड़ने वाले टू-लेन हाईवे को फोरलेन में बदलने का फैसला लिया है। फोरलेन निर्माण के लिए जमीन अधिग्रहण का खाका खींच लिया गया है। प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। प्रस्ताव पर मुहर लगते ही जमीन अधिग्रहण का कार्य शुरू हो जाएगा। हाईवे का निर्माण एनएचआइ ही कराएगी। इस पर लगभग दो अरब रुपये का बजट प्रस्तावित है। हाईवे चौड़ीकरण के पीछे सरकार की मंशा है कि चीन से चल रही तनातनी व नेपाल का चीन के तरफ झुकाव से बदले हालात से निपटने के लिए हरसंभव मदद हाईवे के रास्ते सीमा तक आसानी से पहुंचाई जा सके।

जरवल से रुपईडीहा नेपाल बार्डर की दूरी लगभग 110 किलेामीटर है। हाल ही में व्यापारिक, सामरिक उपयोगिता को देखते हुए टू-लेन हाईवे का निर्माण कराया गया था, ताकि आयात-निर्यात को गति देने में बदहाल सड़क रोड़ा न बने। अब नेपाल चीन की मदद से सीमा के समानांतर सड़क निर्माण कर रहा है। ऐसे में केंद्र सरकार ने टू- लेन हाईवे को फोरलेन में तब्दील करने का फैसला किया है। एनएचआइ की ओर से हाईवे निर्माण के मसौदे को अंतिम रूप दे दिया गया है। फोरलेन होने पर 103 ग्राम पंचायतें दायरे में आएंगी। इन ग्राम पंचायतों की जमीन अधिग्रहीत की जाएगी। जमीन अधिग्रहण का भी प्रस्ताव तैयार हो गया है।

अधिग्रहण का बजट मंजूर होने के बाद जमीन खाली कराने की प्रक्रिया के साथ ही हाईवे चौड़ीकरण की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी। सर्किल की तय दर पर मिलेगा मुआवजाहाईवे चौड़ीकरण के लिए 103 ग्राम पंचायतों की जमीन अधिग्रहीत की जाएगी। जमीन का मालिकाना हक रखने वाले ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर तय दर के हिसाब से मुआवजा दिया जाएगा। इसके लिए भी प्रशासन स्तर पर मुआवजे के लिए जरूरी बजट का प्रस्ताव तैयार किया गया है, ताकि अधिग्रहण के साथ ही मुआवजे की रकम खातों में तत्काल भुगतान किया जा सके।

'जरवल से रुपईडीहा नेपाल बार्डर तक फोरलेन सड़क बनाने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। एनएचआइ की देखरेख में कार्य हो रहे हैं। प्रस्ताव मंजूरी के बाद अधिग्रहण का कार्य शुरू होगा।'  -जय प्रकाश, सिटी मजिस्ट्रेट

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