लखनऊ [ऋषि मिश्र]।  गोमती की लहरों पर मानो नौसेना की शौर्य गाथा लिखी गई हो। मार्कोस और मरीन कमांडो के रेस्क्यू व बंदियों को दुश्मन की कैद से बचाने का रोमांचक ऑपरेशन शानदार रहा। नदी में डूबते हुए लोगों को टोकरी के सहारे हेलीकॉप्टर तक सुरक्षित ले जाना। आखिर में एक रस्सी पर लटककर मरीन कमांडो जिस तरह से हेलीकॉप्टर से बख्शी का तालाब एयरफोर्स स्टेशन की ओर बढ़ गए, वह नजारा अचरज भरा रहा। कमांडो जमीन से सैकड़ों किमी की ऊंची पर रस्सी से लटकते हुए जा रहे थे, जिसे देखकर हजारों लोगों के मुंह से बरबस निकल पड़ा, भारत माता की जय। 

डिफेंस एक्सपो के दौरान चेतक और ध्रुव हेलीकॉप्टरों ने स्वदेशी कंपनी एचएएल के स्वर्णिम अतीत को एक बार फिर से सामने ला दिया। यहां नौसेना के शो को देखने के लिए करीब पांच हजार लोग जुटे थे। जिसमें सबसे पहले इंडियन कोट्स गार्ड के नाविक बावला प्रसाद, उत्तम और जोगेंद्र प्रसाद के पानी पर स्टंट ने रोमांचित किया। कुछ ही देर में आसमान पर चेतक हेलीकॉप्टरों की गडग़ड़ाहट सुनाई देने लगी। हेलीकॉप्टर से उतरकर मार्कोस कमांडो ने डूबते हुए लोगों को रेस्क्यू किया।

कुछ इसी तरह से मुंबई आतंकी हमले के दौरान कमांडो ने चार सौ लोगों की जान बचाई थी। अगला ऑपरेशन मरीन कमांडो का था। जिनको दुश्मन के इलाके में जाकर बंधक को छुड़ाना था। अमेरिकी सील कमांडो जैसी क्षमता वाले मरीन कमांडो ने मोर्चा संभाल और दुश्मन के इलाके में पहुंच कर उनका खात्मा करके पूरी तरह से सुरक्षित अपने क्षेत्र में वापसी की और उनकी वापसी के लिए धु्रव हेलीकॉप्टर आए। एक रस्सी पर लटक कर तीन कमांडो आसानी से वापस चले गए। इन ऑपरेशन में लखनऊ के नौसेना अधिकारी कपिल अग्रवाल और गणेश जायसवाल शामिल रहे।

 

Posted By: Anurag Gupta

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