UP में 69 हजार शिक्षक भर्ती के मामले की सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई जारी, शिक्षकों की मूल चयन सूची जारी करने की मांग
Recruitment of 69000 Teachers in UP: मोर्चा का आरोप है कि भर्ती में ओबीसी को 27 प्रतिशत की जगह 3.86 ...और पढ़ें

सुप्रीम कोर्ट में विद्यालयों में 69 हजार सहायक शिक्षक भर्ती में आरक्षण के मुद्दे पर सुनवाई
HighLights
शीर्ष कोर्ट में अब मंगलवार 13 को होगी अगली सुनवाई।
लखनऊ में पिछड़ा दलित संयुक्त मोर्चा ने की बैठक।
मूल चयन सूची जारी करने और भर्ती के दस्तावेज पेश करने की मांग।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ : उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में 69 हजार सहायक शिक्षक भर्ती में आरक्षण के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में 13 अक्टूबर को सुनवाई होगी। शीर्ष कोर्ट में जल्दी-जल्दी हो रही सुनवाई के अभ्यर्थियों को बड़ी उम्मीद है। अगली सुनवाई में कोर्ट में वरिष्ठ अधिवक्ता मनीष गोस्वामी आरक्षित वर्ग का पक्ष रखेंगे।
परिषदीय विद्यालयों में 69 हजार सहायक शिक्षक भर्ती में आरक्षण के मुद्दे पर शनिवार को पिछड़ा दलित संयुक्त मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष सुशील कश्यप के नेतृत्व में दारुलशफा परिसर में बैठक हुई। मोर्चा ने अभ्यर्थियों के चयन याची लाभ देने और भर्ती की मूल चयन सूची सार्वजनिक करने की मांग की।
मोर्चा का आरोप है कि भर्ती में ओबीसी को 27 प्रतिशत की जगह 3.86 प्रतिशत और एससी को 21 प्रतिशत की जगह 16.2 प्रतिशत आरक्षण मिला। 13 अगस्त 2024 को इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ की डबल बेंच ने चयन सूची रद कर आरक्षण नियमों के अनुसार नई सूची बनाने का निर्देश दिया था। इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है।
मोर्चा के पदाधिकारियों के अनुसार, आरक्षण विवाद पर 2020 में भी हाई कोर्ट में याचिकाएं दाखिल हुई थीं और मामला दो वर्ष से अधिक समय से सुप्रीम कोर्ट में लंबित है।
प्रवक्ता शिव शंकर ने आरोप लगाया कि ओबीसी और एससी आरक्षण से जुड़े नियमों की अनदेखी हुई। मोर्चा ने सरकार से मूल चयन सूची और संबंधित दस्तावेज कोर्ट में पेश करने तथा याची लाभ का प्रस्ताव रखने की मांग की। बैठक में पुष्पेंद्र सिंह जेलर, राजेश चौधरी, दीपिका राजपूत समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
