लखनऊ, जेएनएन। इलाहाबाद पश्चिमी विधानसभा के सदस्य रहे बसपा नेता राजू पाल हत्या कांड में शुक्रवार को सीबीआइ कोर्ट सुनवाई करेगी। राजू पाल की हत्या के मामले में समाजवादी पार्टी के सांसद रहे माफिया अतीक अहमद, उनके भाई पूर्व विधायक अशरफ सहित दस आरोपियों के विरुद्ध सीबीआइ कोर्ट सुनवाई करेगी। हत्याकांड में दाखिल आरोप पत्र के बिंदुओं पर विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट अनुराधा शुक्ला की अदालत में सुनवाई होगी।

सीबीआइ की ओर से दाखिल आरोप पत्र में पूर्व सांसद अतीक अहमद उसके भाई पूर्व विधायक अशरफ तथा रंजीत पाल, आबिद फरहान अहमद, इसरार अहमद, जावेद, गुलफूल उर्फ रफीक अहमद गुलहसन एवं अब्दुल कवि को आरोपी बनाया गया है। जबकि आरोपी अब्दुल कवि फरार चल रहा है।

घटनाक्रम के अनुसार इलाहाबाद पश्चिम से बसपा विधायक राजू पाल की 25 जनवरी 2005 को हत्या कर दी गई थी। इसमें देवी पाल एवं संदीप यादव की भी मृत्यु हुई थी जबकि दो लोग घायल हुए थे। घटना की रिपोर्ट राजू पाल की पत्नी पूजा पाल ने थाना धूमनगंज में दर्ज कराई थी। इसमें अतीक अहमद तथा उसके भाई अशरफ उर्फ खालिद आदिम को नामजद किया गया था। राजू पाल की हत्या के बाद विधानसभा उप चुनाव में बसपा ने उनकी पत्नी को टिकट दिया था। राजू पाल की पत्नी पूजा पाल ने इस चुनाव में अतीक अहमद के भाई अशरफ को हरा दिया था।

विवेचना के उपरांत पुलिस ने छह अप्रैल 2005 को अतीक एवं अशरफ सहित 11 लोगों के विरुद्ध आरोप पत्र दाखिल किया था। 12 दिसंबर 2008 को मामले की विवेचना सीबीसीआइडी को सौंप दी गई। सीबीसीआइडी ने 10 जनवरी 2009 को पहली पूरक चार्जशीट दाखिल कर मुस्तकिल, मुस्लिम उर्फ गुड्डू, गुलहसन, दिनेश पासी एवं नफीस कालिया को आरोपी बनाया। जबकि दूसरी पूरक चार्जशीट में केवल गुफरान को अभियुक्त एवं तीसरे पूरक आरोप पत्र में अब्दुल कवि को आरोपी बनाया गया था।

स्थानीय पुलिस एवं सीबीसीआइडी की विवेचना के उपरांत पुलिस ने छह अप्रैल 2005 को अतीक एवं अशरफ सहित 11 लोगों के विरुद्ध आरोप पत्र दाखिल किया था। 12 दिसंबर 2008 को मामले की विवेचना सीबीसीआइडी को सौंप दी गई। इसके बाद सीबीसीआइडी ने 10 जनवरी 2009 को पहली पूरक चार्जशीट दाखिल कर मुस्तकिल, मुस्लिम उर्फ गुड्डू, गुलहसन, दिनेश पासी एवं नफीस कालिया को आरोपी बनाया। जबकि दूसरी पूरक चार्जशीट में केवल गुफरान को अभियुक्त एवं तीसरे पूरक आरोप पत्र में अब्दुल कवि को आरोपी बनाया गया था। स्थानीय पुलिस एवं सीबीसीआइडी के आरोप पत्र दाखिल करने के बाद 22 जनवरी 2016 को उच्चतम न्यायालय ने मामले की जांच सीबीआइ से कराने का आदेश दिया था। 

Posted By: Dharmendra Pandey

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