लखनऊ, जेएनएन। स्वास्थ्य विभाग में रिक्त पद जल्द भरे जाएंगे। वहीं फार्मासिस्ट को भी सीमित दवाएं लिखने का अधिकार मिलेगा। इसके लिए उन्हें आवश्यक प्रशिक्षण भी दिलाया जाएगा। ऐसे में मरीजों को राहत मिल सकेगी।  

इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में विश्व फार्मासिस्ट दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्यअतिथि स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह मौजूद रहे। फार्मासिस्टों ने उनसे दवा लिखने का अधिकार मांगा। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी है। ऐसे में सीमित दवाएं लिखने का अधिकार फार्मासिस्ट को मिलेगा। इसके कानूनी पहलुओं पर विचार किया जाएगा। 

जय प्रताप सिंह ने कहा कि अस्पतालों में डॉक्टर, फार्मासिस्ट के साथ अन्य स्टाफ की भी कमी है। ऐसे में फार्मासिस्टों के खाली पदों को जल्द भरा जाएगा। नए पदों का भी सृजन होगा। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में दवाओं का संकट दूर हो गया है। सभी तरह की दवाओं की आपूर्ति हो रही है, जिन दवाओं का टेंडर अभी तक नहीं हो पाया है अस्पताल उन्हें दवाएं खरीद सकते हैं। इस दौरान डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष रजत यादव ने कहा कि बिना लाइसेंस तमाम मेडिकल स्टोर चल रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने रिटायर फार्मासिस्ट हरि नारायण सिंह, डीपी दीक्षित, जेकेजैन, आरके सिंह, आरआर चौधरी, व जय सिंह सचान को फार्मेसी रतन से सम्मानित किया। कार्यक्रम में डीजी हेल्थ डॉ. पद्माकर सिंह, सिविल अस्पताल के निदेशक डॉ. डीएस नेगी, वीपी सिंह, अजित मिश्र, ज्ञान चतुर्वेदी, सुनील यादव, आरए गुप्ता समेत अन्य फार्मासिस्ट मौजूद रहे।

उपकेंद्रों पर हो फार्मासिस्टों की तैनाती

डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष संदीप बडौला ने कहा कि गांव में डॉक्टर नहीं जा रहे हैं। उपकेंद्र खाली पड़े हैं। वहां फार्मासिस्ट की तैनाती की जाए। इससे झोलाछाप के डॉक्टरों पर अंकुश लगेगा। महामंत्री श्रवण सचान ने बेहतर व्यवस्था की मांग की। 

 

Posted By: Anurag Gupta

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