लखनऊ, जेएनएन। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी अस्पताल (सिविल) में मुफ्त सीटी स्कैन जांच होगी। प्रांतीय चिकित्सा सेवा संवर्ग (पीएमएस) की सबसे आधुनिक मशीन का उद्घाटन स्वास्थ्य मंत्री ने किया। यहां कम समय में सटीक जांच हो सकेगी। वहीं स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री ने अस्‍पताल के निरीक्षण के दौरान घटिया दवा सप्लाई करने वाली फर्मों पर भी कार्रवाई के निर्देश भी दिए। 

स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह ने बुधवार को सीटी स्कैन मशीन का उद्घाटन किया। यह पीएमएस के अस्पतालों में 63वीं मशीन लगी है। दावा कि अन्य अस्पतालों में जहां 16 स्लाइस की मशीन लगाई गई हैं, वहीं सिविल अस्पताल में 50 स्लाइस की मशीन लगाई गई है। इससे मरीजों की कम समय में सटीक जांच हो सकेगी। लिहाजा, मरीजों में रेडिएशन भी कम जाएगा। पीपीपी मॉडल पर संचालित मशीन से मरीजों की मुफ्त सीटी स्कैन जांच होगी। 

दिसंबर तक 18 और जनपदों में लगेगी मशीन

डॉ. सविता भट्ट के मुताबिक अब तक कुल 57 जनपदों में सीटी स्कैन मशीन लग गई है। शीघ्र ही 18 और जनपदों में लग जाएगी। इसके लिए दिसंबर तक लक्ष्य रखा गया है।

अगले माह से बच्चों को वेंटिलेटर 

सिविल अस्पताल के निदेशक डॉ. डीएस नेगी के मुताबिक सात माह से सीटी स्कैन खराब थी। ऐसे में पुरानी मशीन बदलकर नई मशीन लगाने का फैसला किया गया है। अब पीआइसीयू यूनिट अगले माह से शुरू हो जाएगी। ऐसे में बच्चों को वेंटिलेटर की सुविधा भी मिल सकेगी। इस दौरान सीएमएस डॉ. एके सिंह, एमएस डॉ. आशुतोष दुबे समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

मंत्री जी, डॉक्टर साहब पिता को देखने नहीं आते

 सीटी स्कैन मशीन का उद्घाटन करने गए मंत्री जय प्रताप सिंह को तीमारदार बलजीत सिंह ने घेर लिया। उसने कहा कि पिता महेंद्र सिंह (76) करीब बीस दिन से भर्ती हैं। उनके कूल्हे में फ्रैक्चर है। डॉक्टर कई-कई दिन देखने नहीं आते हैं। नर्सों के सहारे ही इलाज चल रहा है। वहीं ऑपरेशन के लिए जोर देने पर दूसरे डॉक्टर के पास ट्रांसफर की बात कह रहे हैं। ऐसे में मरीज की तबीयत बिगड़ती जा रही है। 

निदेशक से बोले, डॉक्टर को बुलाओ

तीमारदार की समस्या सुन मंत्री ने निदेशक डॉ. डीएस नेगी से संबंधित डॉक्टर को बुलाने को कहा, लेकिन वह अवकाश पर थे। ऐसे में मंत्री ने मरीज का बेहतर इलाज का निर्देश यिा।

कम था हीमोग्लोबिन 

निदेशक डॉ. डीएस नेगी ने कहा कि मरीज के इलाज का ब्योरा देखा गया। उसका हीमोग्लोबिन कम था। ऐसे में ऑपरेशन करना मुश्किल था। लिहाजा, उसको चार यूनिट ब्लड चढ़ाया गया। अन्य जांचें भी कराई गईं। सब कुछ सही रहा तो जल्द ऑपरेशन कर दिया जाएगा।

कहां खर्च हुआ दवा का बजट, एफसी को बुलाओ

स्वास्थ्य मंत्री ने सिविल अस्पताल के निदेशक डॉ. डीएस नेगी, बलरामपुर अस्पताल के निदेशक डॉ. राजीव लोचन से अस्पतालों में बजट की के बारे में कमी पर पूछा। अधिकारियों ने भी गत वर्ष मिले धन का वर्तमान वित्तीय वर्ष के जारी बजट में कमी का हवाला दिया। ऐसे में उन्होंने तुरंत स्वास्थ्य सचिव वी हेकाली झिमोमी को निर्देश दिया कि वह तत्काल एफसी को बुलाएं। वहीं अस्पतालों में अब तक जारी किए गए बजट का पूरा ब्योरा लेकर शाम तक रिपोर्ट दें। 

दवा की गुणवत्ता की पहले होगी जांच 

स्वास्थ्य मंत्री ने घटिया दवा सप्लाई के मामले में मेडिकल सप्लाई कॉर्पोरेशन से फार्मा कंपनियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि हेल्थ की सभी सेंट्रल, स्टेट, डब्ल्यूएचओ की योजनाओं की समीक्षा की जाएगी। संचालित पॉलिसी का रिव्यू किया जाएगा। कमियों को सुधारा जाएगा। वहीं दवाओं की गुणवत्ता अस्पतालों में आपूर्ति से पहले जांच कने की सुविधा की जाएगी। डॉक्टरों की भर्ती भी जल्द की जाएगी।

 

Posted By: Anurag Gupta

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