लखनऊ, जेएनएन। पहले लोग सरकारी नौकरी के लिए जतन करते हैं। वहीं सेवा में आने पर टेबल के नीचे से कमाई का खेल शुरू कर देते हैं। कर्मियों को यह आदत छोडऩी होगी। ऐसी कार्यशैली से सरकारी योजनाओं के संचालन पर असर पड़ रहा है। 

स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह ने शुक्रवार को यह दो टूक नसीहत विभागीय स्टाफ को दी। उन्होंने केजीएमयू के ब्राउन हॉल में नेशनल स्टूडेंट आइडीए कांफ्रेंस का उद्घाटन किया। बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि लोग पहले सरकारी नौकरी पाने के लिए परेशान रहते हैं। वहीं नौकरी मिलने पर वेतन बचाने पर जोर देने लगते है। ऐसे में वह खर्चे के लिए टेबल के नीचे वाली कमाई में जुट जाते हैं। इस आदत की वजह से सरकारी  योजनाओं पर असर पड़ रहा है। लिहाजा, डॉक्टर हों या कर्मी सभी को सिविक सेंस सही करना होगा। यह आदत छोडऩी होगी। उनकी राष्ट्र के प्रति क्या जिम्मेदारी है और वह क्या योगदान दे रहे हैं। इसे आभास करना होगा। तभी बदलाव संभव है।

कर्मी ने बनाए फर्जी कार्ड, पूछा जा रहा मंत्री से 

स्वास्थ्यमंत्री ने कहा कि आयुष्मान योजना गरीबों के लिए है। इसे बेहतर तरीके से संचालन के लिए कर्मियों का सहयोग आवश्यक है। मगर, प्रदेश में कई जगह मीडिया ने फर्जी कार्ड बनाने के सवाल पूछे। ऐसे में कार्ड तो कर्मी बना रहा है। वहीं सवाल मंत्री को देना पड़ रहा है। इस दौरान उन्होंने लचर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए पूर्व की हेल्थ पॉलिसी को भी गड़बड़ बताया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य केंद्रों के भवन जर्जर हो गए हैं। वहीं विभाग में डॉक्टर, स्टाफ का भी अभाव है।

अब बारिश हो रही है तो सरकार क्या करे

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि एक माह पहले सरकार सूखा घोषित करने पर विचार कर रही थी। तब बारिश न होने की दुहाई दी जा रही थी। वहीं अब बारिश हुई तो सड़कें व नाली लबालब हो गईं। लोग अब कह रहे सरकार क्या कर रही है। मैं बताना चाहता हूं कि देश के लोग हर समस्या को सरकार पर डाल देते हैं। सरकार को जो करना है वह करेगी ही, खुद भी सजग रहना होगा।

Posted By: Anurag Gupta

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