लखनऊ, जागरण संवाददाता। अब 12 से 14 साल और 15 से 18 साल की उम्र के छूटे हुए बच्चों को उनके घर-घर जाकर वैक्सीन लगायी जाएगी। यह अभियान शहर और ग्रामीण इलाकों में शनिवार से शुरू कर दिया जाएगा। इसके अलावा 18 साल से अधिक उम्र के लोगों को दूसरी डोज भी लगायी जानी है। राजधानी के टीकाकरण प्रभारी डा. एमके सिंह के मुताबिक, स्वास्थ्य विभाग ने इसकी कार्य योजना बना ली है। 21 मई से यह अभियान शुरू होगा। यहां एक लाख 94 हजार 424 बच्चों के मुकाबले करीब एक लाख बच्चों को ही वैक्सीन लगी है। लखनऊ में अभी तक 12 से 14 साल की उम्र के बच्चों को 14,8,524 डोज लग चुकी हैं।

एक एएनएम को दो गांव की जिम्मेदारी : डा. एमके सिंह के मुताबिक, दो गांव पर एक एएनएम को टीकाकरण की जिम्मेदारी दी गई है। यह घर-घर जाकर आशा और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की मदद से छूटे बच्चों को वैक्सीन लगाएंगी। जबकि शहरी क्षेत्र में भी दो इलाके वार एएनएम को लगाया जाएगा। सीएचसी स्तर पर इसकी तैयारियां पूरी कर ली गईं हैं।

स्कूलों में अभियान नहीं हुआ सफल : बच्चों में टीकाकरण को लेकर कई बार शिविर लगाए गए लेकिन स्वास्थ्य विभाग की टीम नाकाम साबित हुई। अभिभावक बच्चों को टीका लगवाने से डर रहे हैं। जबकि स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि ये टीका उनको सुरक्षित रखने के लिए लगाया जा रहा है। अब तो स्कूल भी बंद हो चुके हैं। इसके मद्देनजर घर में बच्चों को चिन्हित कर उनका टीकाकरण किया जाएगा।

12 साल से कम आयु वाले बच्चों की डोज तैयार : 12-14 साल तक के बच्चों में टीकाकरण के बाद 12 से कम आयु वाले बच्चों में भी टीकाकरण किया जाएगा। हालांकि, अभी तारीख तय नहीं हो पाई है लेकिन बताया जा रहा है कि जल्द ही इन बच्चों को भी सुरक्षित करने के लिए टीका लगाया जाएगा। इसको लेकर तैयारी पूरी की जा चुकी है।

Edited By: Vrinda Srivastava