लखनऊ [जितेंद्र उपाध्याय]। डेढ़ दशक से अधिक समय से अमेरिका के व्योमिंग विश्वविद्यालय में नाैकरी करने वाली राजधानी की डॉ.अनुपमा सिंह आठ अप्रैल को हनुमान जयंती पर वहां से सुंदरकांड का पाठ कर  देश को कोरोना से मुक्ति की कामना करेंगी। राजधानी में उनका साथ देंगी नीलिमा सिंह व साथी महिलाएं। 108 बार हनुमान चालीसा पाठ के साथ ग्रुप वीडियों के जरिए मिहलाएं जुड़ेंगी।

इससे पहले नवमी पर मां भगवती में महिलाओं ने भागीदारी की थी। लॉक डाउन के बावजूद बजरंग बली के गुणगान का मौका महिलाएं छोड़ना नहीं चाहती। गोतीनगर के राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की शिक्षिका नीलिमा सिंह ने बताया कि हर हनुमान जयंती पर ऐसा सामूहिक आयोजन वह वहां से करती हैं। यहां राजधानी समेत सूबे के कई जिले की साथी महिलाएं भाग लेती हैं। प्रीति, नम्रता, निरुपमा, रचना,नम्रता नमिता शर्मा, नीरू व शालू सहित कई महिलाएं अपने घरों से जुड़ेंंगी। ऐसे जुड़ेंगी महिलाएं राजधानी की नीलिमा सिंह ने बताया कि लॉक डाउन की बात चल रही थी आैर बहन समेत सभी दोस्त वॉट्सएप ग्रुप पर जुड़े  थे।

इसी बीच अमेरिका में रहले वाली बहन डाॅ.अनुपमा सिंह से बात हुई तो उन्होंने एक ग्रुप बनाया। जूम एप के माध्यम से बनाए ग्रुप में सभी को जोड़ा और पासवर्ड दे दिया है। एक समय अपने लैपटॉप पर उस एप से जुड़कर एक घंटे तक महिलाएं पाठ करेंगी। नवरात्र की नवती पर अपनी तरह का पहला अनुभव था कि घर बैठे हम सब तकनीक से जुड़कर भक्तिमय अायोजन में शामिल हो सके। ऐसी तकनीक का प्रयोग करके आप भी घर के अंदर लॉक डाउन में  भी भक्तिमय आयोजन में हिस्सा ले सकते हैं। 

क्यों मनाई जाती है हनुमान जयंती

सूर्योदय के समय करें  मारुतिनंदन की आराधना हर वर्ष चैत्र मास की पूर्णिमा को रुद्रावतार हनुमान जी की जयंती मनाई जाती है। हनुमान सेतु मंदिर के पुजारी भगवान जी महाराज ने सभी को घरों में हनुमान चालीसा पाठ करने और पूजन करने का आह्वान किया है। बीरबल साहनी मार्ग स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर के आरपी शर्मा ने श्रद्धालुओं से अपील की मंदिरों के बजाय घराें में हनुमान जी का पाठ करें और समाज को कोरोना से मुक्ति की कामना करें। अलीगंज के नए और पुराने हनुमान मंदिर समेत सभी मंदिरों में केवल पुजारी बाबा ही अारती करेंगे। आचार्य एसएस नागपान ने बताया कि हनुमानजी अष्टचिरंजीवी है। उन्होंने मृत्यु को प्राप्त नहीं किया। ऐसे में अमृतयोग में उनकी जयंती पर पूजन करना ज्यादा फलदायक होगा।

बजरंगबली की उपासना करने वाला भक्त कभी पराजित नहीं होता। हनुमानजी का जन्म सूर्योदय के समय बताया गया है इसलिए इसी काल में उनकी पूजा-अर्चना करना श्रेयस्कर होगा। आचार्य राकेश पांडेय ने बताया कि  चेत्र मास मास की पू िर्णमा आठ अप्रैल को है। इसी दिन हनुमान जयंती मनाई जाएगी।  अचार्य शक्तिधर त्रिपाठी ने बताया कि चैत्र मास की पूर्णिमा पर भगवान श्रीराम की सेवा के उद्देश्य से भगवान शंकर के ग्यारहवें रुद्र ने अंजना के घर हनुमान के रूप में जन्म लिया था। हनुमानजी ने शनिदेव का घमंड तोड़ा था तब सूर्यपुत्र शनिदेव ने हनुमानजी को वचन दिया कि उनकी भक्ति करने वालों की राशि पर आकर भी वे कभी उन्हें पीड़ा नहीं देंगे। कन्या, तुला, वृश्चिक और अढैया शनि वाले तथा कर्क, मीन राशि के जातकों को हनुमान जयंती पर विशेष आराधना करनी चाहिए।

घर में मनाएं उत्सव

हर वर्ष बलरामपुर गार्डन में हाेने वाला आयोजन लाॅक डाउन के चलते नहीं होगा। जीबी चेरीटेबल ट्रस्ट के सुनील गोम्बर ने बताया िक सभी श्रद्धालु घर में प रिवार के साथ उत्सव मनाएं। आयोजन की तस्वीरें एक दूसरे को भेजकर उत्सव में शरीक हों। इंदिरानगर के हनुमत संग्रहालय में घर वालाें के साथ सुंदरकांड पाठ का अायोजन होगा। यहां सक्रहालय में 10 हजार से अधिक हनुमान जी के स्वरूप हैं। चौक के केके चौरसिया ने भी अपने घर के संग्रहालय में तैयारियां शुरू कर दी हैं। घर में ही 108 बार हनुमान चालीसा पाठ कर समाज को कोरोना से मुक्ति की कामना करेंगे। केके चौरसिया के संग्रहालय में छह हजार से अधिक हनुमान जी के प्रतीक हैं। इंडिया बुक और लिम्बा बुक ऑफ रकॉर्ड्स में नाम दर्ज हो चुका है। 

 

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