लखनऊ, जेएनएन। हज उड़ान से 48 घंटे पहले हज हाउस पहुंचने की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है। अब हज यात्री बिना हज हाउस में रहे अपनी औपचारिकताएं पूरी कर सकते हैं। हज हाउस में रुकने की जगह यात्री अपने परिवार के साथ समय बिता सकेंगे। पिछले साल तक उड़ान से दो दिन पहले यात्रियों को परिवार से दूर अकेले हज हाउस में समय बिताना पड़ता था। 

21 जुलाई से राजधानी के चौधरी चरण सिंह हवाई अड्डे से हज यात्रा की उड़ानें शुरू होंगी। आगामी 17 दिनों में उड़ान भरने वाले करीब 47 उड़ानों से लखनऊ सहित प्रदेश के अन्य शहरों के करीब 14500 यात्रियों को सऊदी अरब भेजा जाना है। पिछले वर्षों की तरह हज हाउस में यात्रियों की अधिक संख्या की वजह से बदइंतजामी न हो और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिले, इसके लिए यह व्यवस्था की गई है। वर्ष 2018 तक यात्रियों को अपनी उड़ान से दो दिन पहले सुबह दस बजे सरोजनी नगर स्थित हज हाउस पहुंचना अनिवार्य था। हज हाउस में रहने के दौरान यात्रियों के साथ केवल एक खिदमतगार को ही प्रवेश की अनुमति मिलती है।

हज हाउस में रुकने के दौरान यात्रियों को खाने-पीने से लेकर तरह-तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता था। सैकड़ों किमी दूर प्रदेश के अन्य शहरों से आने वाले यात्रियों के परिजनों को हज हाउस में प्रवेश नहीं मिलता था। उड़ान रवानगी से पहले अपनों की एक झलक पाने के लिए परिवार के सदस्यों को भी 28 घंटे हज हाउस के पास किसी होटल या फिर खुले में ठहरने के लिए मजबूर होना पड़ता था। लेकिन, इसबार हज यात्री हज हाउस पहुंचकर आमद दर्ज कराने के साथ ही कमेटी की वेबसाइट पर ऑन लाइन रिपोर्टिंग कर उड़ान की बुकिंग करा सकते हैं। राज्य हज कमेटी के सहायक सचिव जावेद खान ने बताया कि हज उड़ान से 24 घंटे पहले बुकिंग स्लिप के साथ यात्री या उनके परिवार का कोई भी सदस्य हज हाउस स्थित कमेटी कार्यालय के काउंटर पर पहुंच वीजा, पासपोर्ट व ई-ब्रेसलेट हासिल कर सकता है। उड़ान से आठ घंटे पहले हज यात्रियों को हज हाउस पहुंचना होगा, जहां उनके सामान की जांच होगी, फिर उनको बस से एयरपोर्ट ले जाया जाएगा।

डिस्प्ले में देखें फ्लाइट शेड्यूल 

हज हाउस में रहकर ही यात्री अपनी फ्लाइट का स्टेटस देख सकेंगे। इसबार एयरपोर्ट की तरह हज हाउस में भी इलेक्ट्रानिक डिस्प्ले बोर्ड लगाया जाएगा। हज हाउस में बने रिहाईशी ब्लॉक के पास व प्रशासनिक भवन में डिस्प्ले बोर्ड लगेगा, जिससे यात्रियों को उनके विमान का समय और विलम्ब होने की सूचना मिलेगी, जिससे उनको एयरपोर्ट पर अपनी उड़ान के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा। इसके अलावा माइक से भी विमान की जानकारी दी जाएगी। 

24 घंटे रहेंगी टीकाकरण की सुविधा

हज हाऊस में 17 जुलाई को टीकाकरण व ट्रेनिंग कैंप लगाया जाएगा। इसके बाद अंतिम उड़ान रवानगी (छह अगस्त) तक रोजाना हज हाउस के अस्थाई अस्पताल में 24 घंटे टीकाकरण की सुविधा रहेगी। ऑन लाइन रिपोर्टिंग करने वाले यात्री, जिन्होंने टीके नहीं लगवाएं हैं, वह अपनी उड़ान से आठ घंटे पहले हज हाउस पहुंचकर टीके लगवा सकते हैं। इसबार हज यात्रियों को अपनी औपचारिकताएं पूरी करने के लिए बार-बार हज हाउस के चक्कर भी नहीं लगाने पड़ेंगे। 

Posted By: Divyansh Rastogi

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