लखनऊ, जेएनएन। उत्तर प्रदेश सरकार पूर्व मंत्री व सांसद मो.आजम खां से रामपुर के मौलाना मोहम्मद अली जौहर प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान छीनेगी। आजम खां ने यह शोध संस्थान अपनी सरकार में नियमों में बदलाव कर ले लिया था। इसमें आजम अपना पब्लिक स्कूल चला रहे हैं। सरकार फिलहाल एसआइटी की जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। रिपोर्ट आने के बाद इसमें सरकार कार्रवाई करेगी।

सपा सरकार में अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री रहते आजम खां ने इस शोध संस्थान को लेने के लिए संस्थान के उद्देश्य ही बदलवा दिए थे। शोध संस्थान के उद्देश्यों में 'उर्दू, अरबी व फारसी विषयों में उच्च शिक्षा की व्यवस्था करना एवं शोध कार्य कराना था', लेकिन आजम ने बड़ी चालाकी से उच्च शिक्षा के स्थान पर सभी विषयों में प्राथमिक व माध्यमिक शिक्षा जुड़वा दिया। इसके बाद आजम ने इस सरकारी शोध संस्थान के भवन में रामपुर पब्लिक स्कूल खोल दिया।

खास बात यह है कि आजम खां ने यह सब अपने ही विभाग अल्पसंख्यक कल्याण में मंत्री रहने के दौरान किया। आजम ने इसे मात्र 100 रुपये वार्षिक की दर से 33 साल के लिए लीज पर लिया है। यह लीज 33-33 साल के लिए दो बार बढ़ाई जा सकती है। सपा सरकार ने यह सब बड़े ही गुपचुप तरीके से कैबिनेट बाई सर्कुलेशन से प्रस्ताव पास कराकर लिया था। यह वही ट्रस्ट है जिसमें वह खुद आजीवन अध्यक्ष, उनकी पत्नी डॉ. तजीन फातिमा सचिव व बड़े बेटे मो. अदीब आजम खां सदस्य हैं। यह ट्रस्ट मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय संचालित करता है।

भाजपा सरकार अनियमितताओं को देखते हुए इसकी एसआइटी जांच करवा रही है। एसआइटी ने जांच लगभग पूरी कर ली है। सूत्रों के अनुसार इस मामले में बहुत सी गड़बडिय़ां मिली हैं। इसमें पद के दुरुपयोग के कई साक्ष्य भी मिले हैं। सरकार एसआइटी की रिपोर्ट आने का इंतजार कर रही है। इसके बाद आजम खां के खिलाफ कार्रवाई कर शोध संस्थान वापस लेगी।

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