लखनऊ, जेएनएन। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि चीन-अमेरिका के बीच छिड़े ट्रेड वार और अमेरिका व उसके मित्र देशों के बीच बनी व्यापार की श्रृंखला के कारण चीन का विश्व बाजार सिमट गया है। चीन में निवेश करने वाली अमेरिकी और यूरोपीय कंपनियां अब निवेश के दूसरे ठिकाने तलाश रही हैं। देश की अर्थव्यवस्था को आर्थिक मंदी से उबारने के लिए मोदी सरकार ने कॉरपोरेट टैक्स में कटौती कर भारत को दुनिया में निवेश का सबसे आकर्षक गंतव्य बना दिया है। इसका सबसे ज्यादा फायदा उत्तर प्रदेश को मिलेगा। वहीं बैंकों के विलय से प्रदेश के छोटे उद्योगों को आसान कर्ज के रूप में पूंजी की खुराक और ताकत मिलेगी।

रविवार को भारतीय प्रबंध संस्थान (आइआइएम) लखनऊ में मीडिया से मुखातिब योगी ने कहा कि टैक्स की दरों में कटौती की वजह से चीन में अब तक निवेश करतीं आयीं कंपनियां भारत की ओर आकर्षित होंगी क्योंकि यहां सरकार में स्थायित्व के साथ सुरक्षा की गारंटी भी है। टैक्स कटौती का सबसे ज्यादा फायदा ऑटोमोबाइल, कंस्ट्रक्शन व इंजीनियरिंग गुड्स सेक्टर के साथ उन उद्योगों को मिलेगा जिनमें पूंजी ज्यादा लगती है। नई परिस्थितियों में उप्र को विशेष प्रयास करने होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उप्र को इसका सबसे ज्यादा लाभ इसलिए मिलेगा क्योंकि हम इसके लिए पहले से तैयार हैं। उप्र के पास 21 सेक्टरों पर फोकस करतीं नीतियां हैं। सड़क, वायुमार्ग और जलमार्ग की बेहतर कनेक्टिविटी के साथ उद्योगों की स्थापना के लिए पर्याप्त लैंड बैंक हैं। उप्र ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में भी लंबी छलांग लगायी है। इन्हीं प्रयासों की वजह से ढाई वर्षों में प्रदेश में बड़ा निवेश आया। 

बैंकों के विलय के केंद्र सरकार के फैसले की सराहना करते हुए योगी ने कहा कि इससे बैंकों की सेहत सुधरेगी और वे सूक्ष्म, लघु व मध्यम दर्जे के उद्योगों (एमएसएमई) को आसानी से कर्ज मुहैया करा सकेंगे। कहा कि राज्य सरकार के प्रयासों से ढाई वर्षों में प्रदेश में बैंकों का ऋण-जमा अनुपात सुधरा है लेकिन इसमें अभी और सुधार लाये जाने की गुंजायश है। बैंकों के ऋण देने से पूंजी के अभाव में दम तोड़ते बीमार उद्योगों को संजीवनी मिल सकेगी। जो उद्योग बीमार होने के कारण हैं, उनके लैंड बैंक का सरकार सदुपयोग करेगी। बीमार उद्योगों के पुनरोद्धार के प्रयास किये जाएंगे। 

योगी ने कहा कि जीएसटी काउंसिल ने होटल उद्योग के लिए टैक्स रेट में जो कमी की है, उससे प्रदेश में होटल और केटरिंग उद्योग से जुड़े कारोबारियों समेत पांच लाख उद्यमी लाभान्वित होंगे। यह भी कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो सरकार निवेश नीतियों में संशोधन करेगी। 

Posted By: Umesh Tiwari

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