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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 06, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अंबेडकरनगर के परवेज का आतंक गोरखपुर एसटीएफ ने किया खत्‍म, बसपा नेता जुरगाम की हत्‍या का था मुख्य आरोपित

By Anurag GuptaEdited By:
Published: Sun, 06 Jun 2021 06:47 PM (IST)Updated: Mon, 07 Jun 2021 07:00 AM (IST)

जुरगाम मेहंदी हत्याकांड कांड के मुख्य आरोपी तथा एक लाख के इनामी बदमाश परवेज अंसारी को एसटीएफ ने गोरखपुर में ...और पढ़ें

अंबेडकरनगर के अलीगंज और हंसवर थाने में दर्ज हैं एक दर्जन मुकदमे।
अंबेडकरनगर के अलीगंज और हंसवर थाने में दर्ज हैं एक दर्जन मुकदमे।

अंबेडकरनगर, जेएनएन। बसपा नेता जुरगाम मेहंदी हत्याकांड के मुख्य आरोपित तथा एक लाख के इनामी बदमाश परवेज अंसारी के आतंक का एसटीएफ ने गोरखपुर में अंत कर दिया। इस पर हत्या, लूट, रंगदारी, प्राणघातक हमला, बलवा, मारपीट और गैंगस्टर समेत एक दर्जन मुकदमे अलीगंज और हंसवर थाने में दर्ज हैं। परवेज अलीगंज थानाक्षेत्र के मखदूमनगर का रहने वाला था। उसकी ससुराल हंसवर थाने के औझीपुर में है। वहीं से वह माफिया खान मुबारक के संपर्क में आया था। कई महीनों से इसने अपना आशियाना गोरखपुर के शाहपुर थानाक्षेत्र में बनाकर वहीं से अपना नेटवर्क संचालित कर रहा था। वह प्रदेश के टाप टेन माफिया खान मुबारक के खास गुर्गों में शामिल था।

दो वर्ष पूर्व बसपा नेता की हत्या करने के बाद इसने अपना ठिकाना गोरखपुर में बना रखा था। वहां भी अपनी जड़ें जमाने में जुटा था। सूत्रों के अनुसार मई महीने में इसने वहां के एक व्यापारी से रंगदारी मांगी थी। रकम न मिलने पर व्यापारी की हत्या कर दी थी। इसके बाद से पुलिस के साथ एसटीएफ उसकी तलाश में थी। रविवार को एसटीएफ ने गोरखपुर में उसे ढेर कर दिया।

पड़ोसी जिले से चलाता था नेटवर्क: 2018 में हुए जुरगाम मेहंदी हत्याकांड का वांछित परवेज अपना नेटवर्क गोरखपुर से चला रहा था, लेकिन जिले की पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। एक लाख के इनामी रहे इस बदमाश की तलाश में जिले की पुलिस और स्वाट टीम लगाई गई थी। यहां के पुलिस अधिकारी लगातार उसकी गिरफ्तारी के प्रयास करने का दावा करते रहे, लेकिन कामयाब नहीं हो सके। अब एसटीएफ के हाथों उसके अंत से क्षेत्र की जनता को काफी शांति मिली है।