लखनऊ, जेएनएन। स्वादिष्ट भोजन बनाने और उसे प्रस्तुत करने की कला या फिर बेकरी और कन्फैक्शनरी के उत्पादों को बनाने का तरीका, यूपी में अब युवाओं को इनको सीखने के अवसर मिल रहे हैं। योगी सरकार ने विशेष रूप से इसके लिए डिप्लोमा कोर्स शुरू किये हैं। खाद्य पदार्थों को बनाने और इन उत्पादों का प्रसंस्करण कर उनको बढ़े मूल्य पर बचेने के अवसर दिये हैं। राज्य सरकार के इस प्रयास से युवा आत्मनिर्भर तो बन ही रहे हैं साथ ही प्रशिक्षित व्यक्ति (स्किल्ड पर्सन) के रूप में स्वयं का उद्योग भी स्थापित कर रहे हैं।

उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण विभाग ने मंडल स्तर पर 10 जिलों में राजकीय खाद्य विज्ञान प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किये हैं। वाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर, अयोध्या, कानपुर, झांसी, आगरा, बरेली, मुरादाबाद और मेरठ में खुले इन केंद्रों में एक वर्ष का खाद्य प्रसंस्करण ट्रेड डिप्लोमा, बेकरी एवं कन्फैक्शनरी ट्रेड डिप्लोमा, एक वर्षीय पाक कला ट्रेड डिप्लोमा कराए जा रहे हैं। सरकार ने इन डिप्लोमा कोर्सों से प्रतिवर्ष एक हजार लाभार्थियों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा है।

प्रदेश के विभिन्न जिलों में संचालित राजकीय खाद्य विज्ञान प्रशिक्षण केंद्रों पर साढ़े चार वर्षों में सरकार लगातार युवाओं को प्रशिक्षण दे रही है। एक वर्षीय खाद्य प्रसंस्करण ट्रेड डिप्लोमा में 609, एक वर्षीय बेकरी एवं कन्फैक्शनरी ट्रेड डिप्लोमा में 596, एक वर्षीय पाक कला (कुकरी) ट्रेड डिप्लोमा में 598, एक महीने के अंशकालीन बेकरी एवं कन्फैक्शनरी कोर्स में 1166, एक महीने के अंशकालीन पाक कला में 972 और एक महीने के समेकित कुकरी, बेकरी एवं कन्फैक्शनरी और खाद्य संरक्षण पाठ्यक्रम में 1938 प्रशिक्षणार्थियों का प्रशिक्षित किया जा चुका है।

उत्तर प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण में युवाओं का रुझान बढ़ा है। लोग इन कलाओं को सीखने के लिए प्रशिक्षण ले रहे हैं। सरकार ने खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों को प्रशिक्षित, दक्ष एवं कुशल मानव संसाधन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लखनऊ के राजकीय खाद्य प्रसंस्करण प्रौद्योगिकी संस्थान में एमएससी फूड टेक्नोलॉजी पाठ्यक्रम की सीटों की संख्या 30 से बढ़ाकर 40 कर दी है।

Edited By: Umesh Tiwari