लखनऊ, राज्य ब्यूरो। प्रदेश के कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों की 79600 छात्राओं को 1100 रुपये (सालाना) स्टाइपेंड जल्द मिलेगा। इस वर्ष यह पैसा डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर यानी डीबीटी के माध्यम से भेजा जाएगा। इस संबंध में महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरन आनंद ने गुरुवार को आदेश जारी कर दिया है। सूबे में 746 केजीबीवी में ये छात्राएं नामांकित हैं। 

असल में, ये पैसा छात्राओं को 100 रुपये महीने की दर से दिया जाता है। इससे वे अपनी जरूरत का छोटा-मोटा सामान खरीद सकती हैं। 11 महीने के लिए यह पैसा दिया जाता है। लेकिन, कोरोना संक्रमण के कारण स्कूल बंद होने के कारण इसे अभिभावकों के खाते में दिया जा रहा है। इस बार डीबीटी होने के कारण पैसा पहुंचने में वक्त नहीं लगेगा। केजीबीवी में बिस्तर, साबुन, तेल, मंजन, सैनेट्री नैपकिन आदि का खर्च सरकार वहन करती है। स्टाइपेंड से छात्राएं अपनी जरूरत का कोई भी सामान खरीद सकती हैं।

महानिदेशक ने निर्देश दिए हैं कि जिन छात्राओं का नया प्रवेश हुआ हो, उनका खाता पास के बैंक में खुलवाकर उसकी जानकारी पोर्टल के पीएफएमएस पोर्टल के डीबीटी टेंपलेट पर पंजीकृत किया जाए। ये ध्यान रखा जाए कि जिस महीने से प्रवेश होगा उसी महीने से स्टाइपेंड दिया जाएगा। तीन किश्तों यानी पहले पांच महीने और दूसरी व तीसरी किश्त तीन-तीन महीने की भेजी जाएंगी। धनराशि हर हाल में 30 सितंबर तक छात्राओं के खाते में भेजी जाएगी। यदि कोई भी छात्रा इससे वंचित रह जाएगी तो संबंधित सहायक वित्त व लेखाधिकारी, जिला समन्वयक बालिका, वार्डन आदि की जिम्मेदारी तय की जाएगी।