लखनऊ, जेएनएन। राजधानी के फैजाबाद रोड संजय गांधीपुरम स्थित डीआरवी इंटर कॉलेज में छात्रा की 10वीं की फर्जी मार्कशीट बनाने का मामला प्रकाश में आया है। 1999 में यहां से 10वीं में फेल छात्रा की द्वितीय श्रेणी में पास की मार्कशीट बनाकर 2002 में उसे इंटर भी पास करा दिया गया। माध्यमिक शिक्षा परिषद ने जिला विद्यालय निरीक्षक को जांच के आदेश दिए हैं। डीआइओएस कार्यालय से जब विद्यालय से रिकॉर्ड मांगा गया तो वह उपलब्ध नहीं कराए गए। 

इस संबंध में जब डीआइओएस द्वारा डीआरवी इंटर कॉलेज प्रबंधन से स्पष्टीकरण मांगा गया तो विद्यालय द्वारा बताया गया कि 2003 में सारे दस्तावेज जलमग्न होने के कारण खराब हो गए हैं। तत्कालीन प्रधानाचार्य का 1999 में निधन हो गया। इस कारण छात्रा के बारे में विद्यालय कोई पुराना रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं करा सकता है। 

परिषद के रिकॉर्ड में विज्ञान में फेल है छात्रा 

सूत्रों के मुताबिक परिषद के रिकॉर्ड में छात्रा विज्ञान विषय में फेल है। विज्ञान में उसके 31 नंबर दिखाए गए हैं। पर, फर्जी मार्कशीट में छात्रा का विज्ञान में एक नंबर बढ़ाकर उसे 32 किया गया और द्वितीय श्रेणी में पास दिखाया गया है।

पारिवारिक विवाद में खुला मामला 

फर्जीवाड़े का पूरा मामला छात्रा के पारिवारिक विवाद में सामने आया। पढ़ाई पूरी करने के बाद छात्रा की शादी सचिवालय के एक अधिकारी के बेटे के साथ हुई। अधिकारी का बेटा विदेश में नौकरी करता है। दोनों पक्षों में विवाद हुआ और उनके बीच मुकदमा चल रहा है। इस बीच छात्रा के ससुर ने उसके खिलाफ माध्यमिक शिक्षा परिषद में शिकायत की। मामले की जांच हुई तो विद्यालय द्वारा फर्जी मार्कशीट बनाने का मामला प्रकाश में आया। परिषद के निर्देश पर जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. मुकेश कुमार सिंह द्वारा पूरे मामले की जांच की जा रही है।

नहीं मिला कोई रिकार्ड  

जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. मुकेश कुमार सिंह ने कहा कि माध्यमिक शिक्षा परिषद के निर्देश पर पूरे मामले की जांच की जा रही है। अभी तक विद्यालय द्वारा छात्रा की मार्कशीट के संबंध में कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराया गया है। उन्होंने दावा किया है कि रिकॉर्ड जलमग्न हो चुका है, पर इसकी भी उन्होंने कोई सूचना पूर्व में नहीं दी थी। जांच पूरी होने पर दोष सिद्ध होते ही विद्यालय प्रबंधक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराकर मान्यता रद की जाएगी।

Posted By: Anurag Gupta

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