लखनऊ। इलाहाबाद में संगम की रेती पर हिंदुत्व का मुद्दा एक बार फिर गरम हुआ। मौका था विश्व हिंदू परिषद मार्गदर्शक मंडल की बैठक का। माघ मेला क्षेत्र स्थित जगद्गुरु स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती के शिविर में आज शाम आयोजित बैठक में संतों ने सरकार को चेतावनी भरे लब्जों में साफ किया कि उनकी 'घर वापसी 'मुहिम आगे भी जारी रहेगी, सरकार को कुछ करना है तो वह धर्मांतरण के खिलाफ कड़ा कानून बनाए। इसके साथ गौ, गंगा रक्षा, श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर निर्माण का मुद्दा भी उठा। स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती ने गंगा को बांधमुक्त बनाने पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि गंगा की अविरलता व निर्मलता के लिए बांधों को तोडऩा होगा। धर्मांतरण के मुद्दे का उठाते हुए कहा कि दुनिया में सिर्फ सनातन धर्म बाकी सब मत हैं। इसको लेकर कोई विवाद नहीं होना चाहिए। जगद्गुरु स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती ने गायों को काटने के लिए बने सलाटर हाउस को बंद करने की मांग की। कहा कि केंद्र सरकार गंगा की निर्मलता, गाय की रक्षा व सीमा की सुरक्षा को लेकर ठोस निर्णय ले जैसा चुनाव के समय वादा किया था। संतों की जहां मदद की जरूरत होगी, हम आगे आकर सहयोग करेंगे। कहा कि धर्मांतरण जुल्म है, परंतु घर वापसी नहीं। स्वेच्छा से अपने धर्म में वापस आने वाले लोगों का स्वागत होना चाहिए, यह मुहिम आगे भी जारी रहेगी। निरंजनी अखाड़ा के सचिव महंत नरेंद्र गिरि ने कहा कि धर्मांतरण को घर वापसी से जोडऩा ठीक नहीं है, दोनों में काफी भिन्नताएं हैं। गोपाल जी महाराज ने श्रीराम जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण को लेकर कदम उठाने की बात कही। खराब स्वास्थ्य के चलते श्रीरामजन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास व विहिप संरक्षक अशोक सिंहल बैठक में शामिल नहीं हुए। वह शनिवार को होने वाले संत सम्मेलन में भाग ले सकते हैं।

Posted By: Nawal Mishra

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