लखनऊ, जेएनएन। Coronavirus: कोरोना से लड़ाई के नाजुक दौर में भी मुनाफाखोर अपनी जेबें भरने में लगे हैं। माल आपूर्ति में बाधाओं और आवक की कमी को देखते हुए इन मुनाफाखोर ने सब्जी, आटा, फलों को खरीद से दोगुनी और उससे भी अधिक दाम पर बेच रहे हैं। हाल यह है कि सस्ती दरों पर थोक मंडी से माल लाकर बेचने वाले फुटकर दुकानदार दोगुनी दरों से भी अधिक कीमत पर खानपान की चीजों को खुलेआम बेच रहे हैं। तमाम दावों के बाद भी इन कालाबाजारियों पर नकेल नहीं कसी जा पा रही है।  

बीस रुपये वाला आलू 50 रुपये में

रकाबगंज, मशकगंज, चौक, ठाकुरगंज, रिवरबैंक, गोमतीनगर, सदर, इंदिरानगर समेत शहर की कई फुटकर मंडियों में कालाबाजारियों ने जमकर लूट मचा रखी है। मनमानी का आलम यह है कि दुबग्गा और सीतापुर रोड स्थित थोक मंडियों से दोगुनी से भी ज्यादा कीमत पर सब्जी बेच रहे हैं। थोक मंडी में अच्छा आलू 18 से 20 रुपये किलो में मौजूद हैं वही फुटकर मंडी में यह 50 रुपये से अधिक तक बिक रहा है। यही हाल प्याज का है। 26 रुपये किलो थोक मंडी में मिलने वाला प्याज 60 तक बाजार में बेचा जा रहा है। 24 से 26 रुपये किलो लाने वाले टमाटर को 60 रुपये से भी अधिक कीमत में ग्राहकों की मजबूरी का फायदा उठा बेचा जा रहा है। 60 रुपये किलो वाली हरी धनिया सवा सौ रुपये और तीस से 35 रुपये में थोक मंडी से बाहर निकली हरी मटर 60 से 70 रुपये किलो फुटकर दुकानदार बेच रहे हैं। थोक में 45 रुपये किलो बिकने वाली भिंडी 120 रुपये में बिक रही है।

फुटकर मंडियों के रेट रुपये किलो में

आूल-50-60

प्याज-60

टमाटर-60

धनिया-120 से 125

मटर-60-70

भिंडी-120

फलों के रेट रुपये प्रति किलो

सेब-120 से 150

केला-60 रुपये दर्जन

संतरा-70-80

अंगूर-80-100

अनार-120 से अधिक  

Posted By: Divyansh Rastogi

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