बाराबंकी, (सुरेंद्र कुमार)। टोल प्लाजा पर निकलने वाले वाहनों में फास्टैग लगाने का फर्जीवाड़ा शुरू हो गया है। कम टोल टैक्स देना पड़े इसलिए बड़े वाहनों में छोटे वाहनों का फास्टैग लगाकर टोल प्लाजा पार कर रहे हैं। टोल प्लाजा पर फास्टैग लागू होने के बाद सभी वाहनों में फास्टैग लगाना पूरी तरह से अनिवार्य हो गया है। अहमदपुर टोल प्लाजा प्रबंधक एएस चौहान बताते हैं कि वर्तमान में करीब 20 हजार वाहन रोज टोल प्लाजा से निकलते हैं। करीब 93 प्रतिशत फास्टैग से टैक्स भुगतान होता है। प्रतिदिन का टोल घटने लगा। इसकी जांच शुरू हुई और बड़े वाहनों की निगरानी शुरू की गई। तब पता चला कि दो एक्सल बस का टैक्स 320 रुपये पड़ता है। जब फास्टैग से टैक्स भुगतान हुआ तो मात्र 155 रुपये ही कटे। जोकि मिनी बस का टैक्स है।

यही नहीं दो एक्सएल ट्रक का 320 टैक्स है। वह ट्रक पिकअप व छोटा हाथी का टैक्स देकर निकल रही है। कुछ ट्रांसपोर्ट कंपनी टोल टैक्स से बचने के लिए अपने वाहनों में मन मुताबिक फास्टैग लगवा रहे हैं। ज्यादा चक्कर लगाने वाले भारी वाहन चालक कम टोल देने के लिए ऐसा फर्जीवाड़ा कर रहे हैं। अब टोल प्लाजा के माध्यम से उन वाहन नंबरों को चिन्हित कर वाहन मालिकों को नोटिस भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

इनकी भी होगी अब जांच

वाहनों में फास्टैग लगाने का काम एनएचएआइ से लेकर विभिन्न प्रकार की कंपनी व बैंक कर रही हैं। इनकी भी अब जांच होनी है।

फैक्ट फाइल

  • प्रतिदिन गुजरने वाले वाहन- 20 हजार
  • कार, जीप, वैन का टोल- 95 रुपये
  • पिकअप, मिनी बस-155 रुपये
  • ट्रक व बस- 320 रुपये
  • बड़ी ट्रकें- 350
  • जेसीबी सहित अन्य-500
  • ओवर साइज वाहन-610
  • फास्टैग से भुगतान-93 प्रतिशत
  • बिना फास्टैग वाहन-सात प्रतिशत 

कुछ वाहनों में फास्टैग लगाने को लेकर फर्जीवाड़ा किया जा रहा है। ऐसे वाहनों को चिन्हित कर नोटिस भेजने की कार्रवाई की जा रही है।  -एएस चौहान, प्रबंधक, अहमदपुर टोल प्लाजा

Edited By: Anurag Gupta