लखनऊ(निशात यादव)। अब तक सेना में भर्ती के लिए युवाओं को मेडिकल और लिखित परीक्षा में पास कराने के नाम पर उनको ठगी का शिकार बनाया जाता था। लेकिन अब सेना के जवानों के आश्रितों के साथ भी धोखाधड़ी शुरू हो गई है। इस बार यूनिट हेड क्वार्टर कोटा (यूएचक्यू) के तहत हुई भर्ती रैली में सफल युवाओं को मेडिकल पास कराने के नाम पर मोटी रकम वसूली गई। इस खेल में कमाड अस्पताल में तैनात सेना के दो जवानों के नाम भी सामने आए हैं। एक के खिलाफ कोर्ट ऑफ इंक्वायरी गठित कर दी गई है, जबकि दूसरा जवान पोस्टिंग के बाद कोलकाता चला गया है।

दरअसल, जनवरी महीने में छावनी की ट्रेनिंग बटालियन में एएमसी सेंटर की यूएचक्यू के तहत भर्ती रैली का आयोजन किया गया था। इस रैली में सेना में तैनात जवानों, पूर्व सैनिकों और वीरनारियों के आश्रितों ने हिस्सा लिया था। भर्ती रैली में सफल होने के बाद उनका मेडिकल कमाड अस्पताल में होना था, लेकिन जवानों और पूर्व सैनिकों के आश्रितों को मेडिकल पास कराने के नाम पर गोरखपुर में सक्रिय सिंडीकेट ने उनसे 60 से 70 हजार रुपये ले लिया।

गोरखपुर के महुआ का रहने वाला हवलदार यादव 10 युवकों के मेडिकल के दस्तावेज लेकर लखनऊ पहुंचा था। यहा कमाड अस्पताल में तैनात एक नायक और एक हवलदार से उसने संपर्क किया। दोनों ही जवानों ने मेडिकल पास कराने के नाम पर 30 हजार की माग की। उसने जवानों को 30-30 हजार दे दिए गए। जब हवलदार 10 अभ्यर्थियों की लिस्ट लेकर लखनऊ पहुंचा तो अस्पताल में सेना ने उसे पकड़ कर पुलिस को बुलाया।

हवलदार ने बताया कि उसने यूएचक्यू कोटे के तहत भर्ती रैली के सफल अभ्यर्थियों के मेडिकल पास कराने के लिए उनसे रुपये लिए हैं। सेना ने विभागीय जाच के आदेश दिए तो नायक रैंक के जवान ने 30 हजार रुपये लेने की बात को स्वीकार कर लिया। जबकि दूसरे जवान के बारे में पता चला कि उसकी पोस्टिंग कोलकाता में हो गयी है। उस जवान को लखनऊ पूछताछ में लाने के आदेश दिए गए हैं। वहीं, नायक रैंक के जवान के खिलाफ कोर्ट ऑफ इंक्वायरी शुरू हो गयी है।

By Jagran