हरदोई, जेएनएन। हरपालपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में रविवार की रात हुई प्रसवों में चार नवजातों की मौत हो गई। देर रात परिवार के सदस्यों ने सीएचसी के स्वास्थ्य कर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा करना शुरू कर दिया। जिन्हें समझा बुझाकर शांत किया गया। स्वास्थ्य महकमा नवजातों की मौत के पीछे कोई न कोई बीमारी की बात कह रहा है। अधीक्षक का कहना है कि दो नवजात की मौत हुई है। एक की गर्भ में ही हो गई थी। दूसरे के वजन कॉफी कम था और कुछ देर बाद मौत हो गई। चार की मौत की सूचना गलत है।

हरपालपुर सीएचसी में हुई मौतों के बारे में मिली जानकारी के अनुसार हरपालपुर के ग्राम बैठापुर निवासी मोहिनी का शाम 6.30 बजे पर प्रसव हुआ। वहीं बानामऊ निवासी संगीता का सुबह 10.45 बजे, ककरा गांव निवासी रवीना का शाम 7:00 और बरनई गांव निवासी राजरानी का रात 9.20 पर प्रसव हुआ। अस्पताल सूत्रों के अनुसार चारों शिशुओं की मौत हो गई। एक दिन में प्रसव के दौरान हुए चार नवजात शिशुओं की मौत से अस्पताल परिसर में गुस्साएं परिवारजनों ने स्वास्थ्य कर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए रात में हंगामा करना शुरू कर दिया। अस्पताल प्रशासन ने परिवारजनों को पहले समझाने का प्रयास किया, लेकिन बाद में वहां से गायब हो गए। हालांकि सीएचसी अधीक्षक डॉक्टर राणा प्रताप दो नवजात की मौत होने की बात कह रहे हैं।  उनका कहना है कि एक बच्चे की गर्भ में ही मौत हो गई थी और मृत शिशु का जन्म हुआ था। दूसरा शिशु मात्र 1800 ग्राम का था। उन्होंने बताया कि चार नवजात की मौत की बात गलत है। दोनों की बीमारियों से ही मौत हुई है। कोई हंगामा आदि नहीं हुआ। 

बोले जिम्मेदार : सीएमओ डॉक्टर एसके रावत ने बताया कि सीएचसी से दो नवजात की मौत की जानकारी हुई थी। उन्होंने बताया कि दो की मौत हुई है। वह भी बीमारी व बच्चों में कमी के चलते बताई जा रही है। फिर भी पूरे मामले की जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। 

Posted By: Anurag Gupta

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