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लखनऊ, जेएनएन। लोकायुक्त न्यायमूर्ति संजय मिश्रा ने शुक्रवार को राजभवन में राज्यपाल राम नाईक से मुलाकात कर उन्हें लोकायुक्त प्रशासन का वार्षिक प्रतिवेदन-2018 सौंपा। 533 पन्नों का वार्षिक प्रतिवेदन दो खंडों में है।

लोकायुक्त की जांच में कई पूर्व मंत्री, पूर्व विधायक, करीब छह आइएएस अधिकारी व अन्य अफसर दोषी पाये गए हैं। सपा सरकार के एक बहुचर्चित पूर्व मंत्री के खिलाफ लोकायुक्त प्रशासन को दूसरी शिकायत भी प्राप्त हुई। हालांकि लोकायुक्त प्रशासन ने किसी आरोपित नाम, दल व विभाग साझा करने से इन्कार कर दिया। बताया कि भ्रष्टाचार के मामलों में भी कई अधिकारी दोषी पाये गए हैं।

लोकायुक्त प्रशासन के सचिव पंकज कुमार उपाध्याय ने बताया कि सबसे अधिक मामले ग्राम विकास व ग्राम पंचायत विभाग से जुड़े हैं, जो कुल शिकायतों के करीब 25 फीसद हैं। इनमें वीडीओ, बीडीओ, एडीओ समेत अन्य अधिकारी दोषी पाये गए हैं, जिनके खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की गई है। शुक्रवार को प्रेस ब्रीफिंग में बताया गया कि वर्ष 2018 में लोकायुक्त प्रशासन को कुल 3915 परिवाद प्राप्त हुए, जबकि 882 परिवाद पूर्व से लंबित थे। इस तरह कुल 4797 परिवादों पर कार्रवाई की गई।

वर्ष 2018 में प्रारंभिक जांच के आधार पर 3169 परिवाद निस्तारित किये गए। इनमें 395 ऐसे परिवाद हैं, जिनका निस्तारण विवेचना के बाद किया गया। राज्यपाल को वार्षिक प्रतिवेदन सौंपे जाने के दौरान उप लोकायुक्त शंभू सिंह यादव, सचिव, मुख्य विवेचना अधिकारी राकेश कुमार, संयुक्त सचिव कुंवरजी खन्ना, अपर निजी सचिव अवनीश शर्मा, अपर मुख्य सचिव राज्यपाल हेमंत राव व राज्यपाल के अपर विधि परामर्शी कामेश शुक्ल भी उपस्थित रहे।

22 प्रतिवेदन व छह संस्तुतियां

लोकायुक्त न्यायमूर्ति संजय मिश्रा व उप लोकायुक्त शंभू सिंह यादव ने 22 प्रतिवेदन व छह संस्तुतियां सक्षम प्राधिकारी को भेजी हैं। इनमें कई पूर्व मंत्री, पूर्व विधायक व अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की गई है। जो छह संस्तुतियां की गई हैं, उनमें अधिकारियों पर लगाये गए आरोपों के साक्ष्य प्रारंभिक जांच में ही मिल गए थे। इसके साथ ही छह विशेष प्रतिवेदन राज्यपाल को सौंपे गए हैं।

650.65 लाख रुपये का कराया भुगतान

लोकायुक्त प्रशासन ने पद के दुरुपयोग, पद के कर्तव्यों का निर्वाहन न करने व सेवानिवृत्ति के भुगतान संबंधी मामलों में प्रभावी कार्रवाई करते हुए 650.65 लाख रुपये का भुगतान कराया। इनमें 90 फीसद मामले सेवानिवृत्ति से संबंधित हैं। अधिकारियों ने बताया कि सबसे अधिक भुगतान चीनी मिल के सेवानिवृत्त कर्मचारियों के कराये गए।

540 छात्र-छात्राओं को कराया प्रशिक्षण

लोकायुक्त संगठन के अधिकार, कार्यप्रणाली व परिवाद दायर करने संबंधी जानकारी लोगों को दिये जाने के साथ ही 540 छात्र-छात्राओं को ग्रीष्म व शीत कालीन अवकाशों में व्यवहारिक प्रशिक्षण व अध्ययन कराया गया।

Posted By: Umesh Tiwari

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