लखनऊ, जागरण संवाददाता। एसटीएफ ने सेना में भर्ती कराने के नाम पर फर्जीवाड़ा करने वाले गिरोह का राजफाश किया है। गिरोह भर्ती के नाम पर लोगों से रुपये वसूलता था। एसटीएफ में एएसपी सत्यसेन यादव के मुताबिक, 17 नवंबर को जोधपुर राजस्थान निवासी नारायण सिंह ने एसटीएफ मुख्यालय में शिकायत की थी। नारायण सिंह के मुताबिक गिरोह ने उनके बेटे धर्मेंद्र को सेना में भर्ती कराने के नाम पर एक लाख रुपये लिए थे।

एसटीएफ ने छानबीन के दौरान गुरुवार को मनोज पांडेय चौराहे के पास से फिरोजाबाद निवासी सर्वेश कुमार और हरी सिंह को दबोच लिया। पूछताछ में सर्वेश ने बताया कि 16 नवंबर को वह हरी सिंह व हरेंद्र के साथ लखनऊ सेंटर आया था, जहां उसकी मुलाकात नारायण सिंह से हुई थी।

नारायण ने बताया कि वह बेटे को सेंटर पर भर्ती के लिए लाया है। आरोपितों ने झांसे में लेकर भर्ती के नाम पर नारायण से अपने परिचित हिमांशु के खाते में एक लाख रुपये स्थानांतरित करवा लिए। आरोपितों ने बताया कि हिमांशु भर्ती कराने का काम दो प्रतिशत कमीशन पर करता है। सर्वेश फिरोजाबाद का रहने वाला है और वर्ष 2005 में एएमसी सेंटर असम रायफल डोगरा रेजीमेंट सेंटर अयोध्या में भर्ती हुआ था। वर्ष 2011 में अवकाश पर घर आया और बीमार होने के बाद नौकरी पर नहीं गया।

फौज ने केस किया तो उसने पहचान पत्र वापस करने से पहले उसकी डुप्लीकेट कापी अपने पास रख ली। उसी पहचान पत्र का इस्तेमाल कर वह लोगों को झांसे में लेता था। आरोपित ने नारायण ङ्क्षसह के अलावा स्वरूप कुमार सावंत सेे 25 हजार, सरकार से 50 हजार व आनंद से 60 हजार रुपये लिए थे। हरी ने बताया कि वह सर्वेश के कहने पर काम करता है। वहीं, हरेंद्र यादव ने बताया कि वह दिल्ली में ट्रक चलाता था और वर्तमान में सर्वेश की गाड़ी चला रहा था।

Edited By: Vikas Mishra