लखनऊ, [हितेश सिंह]। जिस तरह से स्टार भारतीय महिला गेंदबाज झूलन गोस्वामी ने अपने लंबे करियर के दौरान कई कीर्तिमान बनाए हैं, वह अगली पीढ़ी के तेज गेंदबाजों के लिए प्रेरणा हैं। यह कहना है पूर्व भारतीय क्रिकेटर अंजुम चोपड़ा का, जिन्होंने लीजेंड्स क्रिकेट लीग के मैच से इतर दैनिक जागरण से विशेष बातचीत में कही।

दरअसल, झूलन गोस्वामी अब क्रिकेट से संन्यास लेने जा रही हैं। गोस्वामी 24 सितंबर को लार्ड्स में इंग्लैंड के खिलाफ अपना विदाई मैच खेलेंगी। यह उनका आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच होगा। इस बारे में अंजुम ने कहा कि गोस्वामी का संन्यास भारत में महिला क्रिकेट के एक युग का अंत होगा। उन्होंने महिला क्रिकेट के इस दौर को हरमन प्रीत कौर एंड कंपनी का दौर बताया। अंजुम कहती हैं कि आने वाले समय में हमारे पास बहुत गेंदबाज होंगे पर गोस्वामी की जगह कोई नहीं ले सकता।

दस साल पहले झूलन के साथ अंजुम ने खेला था मैच : भारतीय महिला क्रिकेटर अंजुम चोपड़ा ने लगभग 10 साल पहले मार्च 2012 में आस्ट्रेलिया के खिलाफ विशाखापत्तनम में टी 20 मुकाबला खेला था, जो उनका अंतिम मैच था। इस मैच में झूलन गोस्वामी भी खेली थीं और उन्होंने पांच विकेट लिए थे, जिससे भारत ने आठ विकेट से मैच जीता था। उस मैच में भारत की कप्तानी कर रही अंजुम चोपड़ा का मानना है कि झूलन गोस्वामी अभी भी दुनिया के सर्वश्रेष्ठ तेज गेंदबाजों में से एक है।

127 एक दिवसीय मैचों में लगभग 3000 रन बनाने वाली अंजुम चोपड़ा के अनुसार, गोस्वामी का काफी लंबे समय तक शानदार गेंदबाजी रिकार्ड रहा है, जो भारत ही नहीं बल्कि दुनिया में युवा पीढ़ी के तेज गेंदबाजों के लिए मिसाल है। उन्होंने कहा कि मुझे यकीन है कि गोस्वामी रिटायरमेंट के बाद भी अपनी फिटनेस बनाए रखेंगी। अंजुम चोपड़ा पहली बार गोस्वामी से 2002 में भारतीय टीम के शिविर में मिली थी।

बताते चलें कि 39 वर्षीय झूलन गोस्वामी ने 202 एक दिवसीय मैचों में 253 सहित 353 अंतरराष्ट्रीय विकेट लिए हैं। उन्होंने कैथरीन फिट्ज पैट्रिक को पछाड़कर महिला वनडे के इतिहास में सबसे अधिक विकेट लेने वाली गेंदबाज बनने का गौरव हासिल किया है।

Edited By: Vrinda Srivastava