अयोध्या, जागरण संवाददाता। पूर्व मुख्यमंत्री व विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव ने काशी के ज्ञानवापी प्रकरण को 'स्मोक स्क्रीन' बताते हुए कहा, जानबूझकर भाजपा इसे उठाकर अपने उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने में लगी है। उन्होंने कहा, हमारे हि‍ंदू धर्म में यह है कि कहीं पर भी पत्थर रख दो, एक लाल झंडा रख दो, पीपल के पेड़ के नीचे तो मंदिर बन गया। इससे पहले सिद्धार्थनगर में अखिलेश यादव ने कहा कि सदन चलने वाला है, ज्ञानवापी और मथुरा के मुद्दे पर सबका ध्यान भटकाने का काम किया जा रहा है।

सिद्धार्थनगर से लौटते समय वह देवकाली के पास ताराजी रिसार्ट में पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे। उन्होंने योगी सरकार पर आरोप लगाया कि उसे सदन में बुनियादी सवालों का जवाब न देना पड़े मात्र नौ दिन में निपटाना चाहती है। वह बोले कि प्रदेश की जनता ने समाजवादी पार्टी को विपक्ष में बैठने का जनादेश दिया है। विधानसभा सत्र ज्यादा दिन का होना चाहिए। अंग्रेजों की तरह समाज को बांटने व राज करने का आरोप उस पर लगाया। पेट्रोल, डीजल, कोयला, लोहा, स्टील की कीमतों को गिनाते हुए महंगाई का हवाला दिया।

कहा, एयरपोर्ट, रेल, सड़क, एलआइसी को बेचा जा रहा है। बोले कि सरकार बनने के बाद अब वह गरीबों को पहचानने से इन्कार कर रही है। गांव में मुनादी करा अपात्र साबित कर 24 रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से गेहूं का दाम वसूलेगी। कहा, सरकार के मित्रों ने जब किसानों से गेहूं खरीद लिया तो निर्यात पर रोक लगा दी। लाखों क्विंटल गेहूं देश के कई बंदरगाहों पर ट्रकों में लोड है। अब आटा महंगा खरीदने के लिए तैयार होना पड़ेगा।

बोले, थाना अराजकता व दलाली का अड्डा बनने को स्वयं मुख्यमंत्री स्वीकारते हुए इससे बचने की नसीहत अपने पार्टी नेताओं को दे चुके हैं। योगी सरकार पर आरोप लगाया बुलडोजर का इस्तेमाल राजनीतिक दलों, कुछ जातियों व मुस्लिमों को डराने के लिए किया जा रहा है। अयोध्या में पांच वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म के आरोपियों के घर पर उसे नहीं चलाया गया। इसी तरह चंदौली से लेकर अन्य कई जिलों की घटना का उदाहरण दिया। 

Edited By: Anurag Gupta