लखीमपुर, संवाद सूत्र। सीतापुर रोड पर स्थित हर्षराही ढाबे के मालिक योगेंद्र वर्मा उर्फ रि‍ंकू को कछुए पालने का शौक महंगा पड़ गया। वन विभाग ने ढाबे से चार दुर्लभ प्रजाति के कछुए बरामद कर योगेंद्र को गिरफ्तार कर लिया। योगेंद्र पर कछुए के अवैध व्यापार सहित तीन गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। कछुए के व्यापार के संबंध में पूछताछ के लिए वन विभाग ने कोर्ट से 14 दिन का रिमांड लिया है। वन्यजीव संरक्षण में कछुआ पकड़कर पालना जैसे बाघ को पकडऩे के बराबर अपराध माना जाता है।

सोमवार रात हर्षराही ढाबे में सुंदरी प्रजाति (इंडियन फ्लैपशेल टर्टल) के चार कछुए एक गड्ढे में भरे पानी में रखे मिले। बताया गया कि कछुओं को पालकर ग्राहकों को आर्कषित किया जा रहा जा रहा था। रात में ढाबे पर पहुंचने वाले किसी ग्राहक ने कछुओं का वीडियो बनाकर वायरल कर दिया। कुछ ही देर में वीडियो वन विभाग के उच्चाधिकारी तक पहुंचा। जिसका संज्ञान लेते हुए टीम भेजी गई। चारों कछुओं को बरामद कर योगेंद्र को गिरफ्तार कर लिया गया।

रेंजर एनके राय ने बताया कि योगेंद्र पर भारतीय वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। जिनमें धारा 9/51-वन्यजीव को पकडऩा, 49 बी-वन्यजीव को पकड़कर लाना, 48 ए-बिना अनुमति व्यापार करना शामिल है। रेंजर ने बताया कि वन्यजीव अधिनियम में कछुआ पकडऩा बाघ पकडऩे के बराबर अपराध माना जाता है। आरोपित को जेल भेज दिया गया है।

Edited By: Anurag Gupta