यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 27, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Foreigner Sex Racket : विदेशी साथियों को पहले ही भगा दिया था लोला कायूमोवा ने
Foreigner Sex Racket : बीते दिनों लोला ने खुद फॉर्म सी भरा तो उसके बारे में विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय ...और पढ़ें

आयुष्मान पांडेय, जागरण, लखनऊ। तहजीब और अदब के शहर लखनऊ में विदेशी महिलाएं अवैध रूप से आती हैं। यहां वर्षों तक रहती हैं। सेक्स रैकेट संचालित करने के साथ अवैध कारोबार करती हैं, लेकिन पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगती है।
उज्बेकिस्तान की लोला कायूमोवा और उसके गिरोह का यहां फर्जी तरीके से रहना राजधानी पुलिस की सक्रियता पर सवाल खड़े कर रहा है। यही नहीं, क्षेत्रीय विदेशी पंजीकरण कार्यालय (एफआरआरओ) से मिले इनपुट के आधार पर अब जब इस गिरोह का राजफाश हो गया है तो पुलिस आरोपितों तक नहीं पहुंच पा रही है।
इस मामले में मिली ताजा जानकारी के अनुसार, लोला ने पुलिस के पहुंचने से पहले ही अपने विदेशी साथियों को लखनऊ से भगा दिया था। पुलिस सूत्रों ने बताया कि लोला बीते आठ वर्षों से लखनऊ में रह रही थी। यहां आने के बाद उसने राजाजीपुरम निवासी जनक प्रताप सिंह और तेलीबाग निवासी त्रिजनराज की मदद से भारत के सभी दस्तावेज तैयार कर लिए थे, जिसमें आधार कार्ड, पैन समेत अन्य शामिल हैं।
इन कागजात की मदद से लोला ने जनक के साथ कागजों में शादी भी कर ली और खुलकर यहां रहने लगी। बीते दिनों लोला ने खुद फॉर्म सी भरा तो उसके बारे में विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय(एफआरआरओ) की टीम को जानकारी हुई। इसके बाद पुलिस की मदद से जांच कराई गई तो उसके गिरोह का पता चला।
उससे पहले ही लोला ने अपने सभी साथियों को भगा दिया, फिर खुद भी त्रिजन राज के साथ यहां से निकल गई। इसके बाद पुलिस ने लोला के साथ उसकी मदद करने वाले त्रिजनराज व सर्जरी करने वाले डा. विवेक गुप्ता के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। इंस्पेक्टर सुशांत गोल्फ सिटी उपेंद्र सिंह का कहना है कि तथ्य एकत्रित किए जा रहे हैं। जल्द ही आरोपित गिरफ्तार होंगे।
फॉर्म-सी भरने पर हुआ था राजफाश जांच के नाम पर चल रही खानापूर्ति
लोला व उसके सभी साथियों की सर्जरी डाक्टर विवेक ने की पुलिस सूत्रों की मानें तो डा. विवेक गुप्ता लोला से सीधे संपर्क में थे। उसी ने लोला व उसकी सभी साथियों की सर्जरी की थी। विदेशी के इलाज से पहले न तो डा. विवेक गुप्ता ने फॉर्म सी भरा न ही पुलिस को सूचना दी। जबकि नियम के हिसाब से विदेशी महिला का इलज करने वाले हर डाक्टर को फॉर्म सी भरना हाेता है। सूत्रों का कहना है कि डा. विवेक क्लीनिक में बैठने लगे, लेकिन पुलिस ने पूछताछ तो दूर उनको फोन तक नहीं किया है।
