बहराइच, जागरण संवाददाता। पहाड़ों पर झमाझम बारिश से घाघरा उफना चुकी है। तीनों बैराजों से शनिवार को तीन लाख 39 हजार 975 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। नतीजन घाघरा का जलस्तर 1.50 सेंटीमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। इससे महसी तहसील के दो दर्जन गांवों पर भीषण बाढ़ की आशंका बढ़ गई है। घाघरा के तटवर्ती चिरईपुरवा, पंचदेवरी, मांझा दरियाबुर्द, भौंरी, छत्तरपुरवा, तारापुरवा, सिलौटा, रानीबाग, गोलागंज समेत दो दर्जन गांवों में धान व गन्ने की फसल जलमग्न हो चुकी है। आधा दर्जन संपर्क मार्गों पर बाढ़ का पानी फैलने लगा है। कौशल गुप्ता, विवेक तिवारी, ननकऊ अंसारी समेत तटवर्ती किसानों का कहना है कि इस बार बाढ़ नहीं आई थी।

ऐसे में धान की अच्छी फसल होने की संभावना थी। लेकिन जलस्तर बढ़ने से फसलें बाढ़ में डूब चुकी है। यदि जलस्तर कम नहीं हुआ तो जुताई-बुवाई, खाद-बीच, सिंचाई-निराई का रुपया निकाल पाना मुश्किल हो जाएगा। महसी तहसील के संविलियन विद्यालय अटोडर में बाढ़ का पानी भर गया है जबकि पूर्व माध्यमिक विद्यालय गोलागंज व प्राथमिक विद्यालय कायमपुर के मार्गों पर बाढ़ का पानी भर जाने से शिक्षण व्यवस्था बाधित होने लगी है। नायब तहसीलदार महसी विपुल कुमार सिंह ने बताया शुक्रवार को बैराजों से पानी ज्यादा डिस्चार्ज हो गया था इसलिए जलस्तर बढ़ा है। शनिवार को डिस्चार्ज में काफी कमी आई है। देर शाम से जलस्तर घटना शुरू हो जाएगा। 

तहसील प्रशासन ने देखी बाढ़ की स्थिति: एसडीएम महसी एसएन त्रिपाठी व नायब तहसीलदार विपुल कुमार सिंह ने बाढ़ प्रभावित पंचदेवरी, चिरईपुरवा, मांझा दरियाबुर्द व तहसीलदार डॉ सुनील कुमार ने तिकुरी, पिपरा, कायमपुर, गोलागंज व बौंडी का जायजा लिया। ग्रामीणों को धैर्य बनाए रखने को कहा। एसडीएम ने ग्रामीणों को बताया कि भीषण बाढ़ की संभावना नहीं है। फिर भी तहसील प्रशासन की तैयारियां चाक चौबंद है। किसी को कोई समस्या नहीं होगी। 

आपदा से निपटने के लिए तैयार हैं प्रशासनः उपजिलाधिकारी महसी एसएन त्रिपाठी ने बताया कि तहसील के गोलागंज, कायमपुर व पिपरी गांवों व तटबंध को कटान से बचाने के लिए 21 करोड़ की लागत से तीन स्परों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। तटबंध पर बसे 62 परिवारों को इस बार पुनर्वासित करवा दिया गया है। तहसील क्षेत्र में 14 बाढ़ चौकियां, नौ लंगर स्थल व दो बाढ़ शरणालय बनाएं गए हैं जो अलर्ट हैं। तहसील प्रशासन व राजस्वकर्मी बाढ़ तथा कटान की स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं। महसी के राजकीय इंटर कालेज रमपुरवा में एनडीआरएफ टीम तैनात है। टीम के जवान तटवर्ती गांवों के बाढ़ प्रभावितों को आपदा प्रबंधन हेतु प्रशिक्षित कर रहे हैं। मॉकड्रिल के जरिये आपदा से निपटने का अधिकारियों व कर्मचारियों ने पूर्वाभ्यास भी कर लिया है।

बौंडी: शनिवार की सुबह आठ बजे एल्गिन ब्रिज पर घाघरा का जलस्तर लाल निशान 106.07 मीटर के सापेक्ष 106.336 मीटर रिकॉर्ड किया गया। यहां घाघरा लाल निशान से 26 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। घूरदेवी स्पर पर घाघरा का जलस्तर लाल निशान 112.135 मीटर के सापेक्ष 111.870 मीटर रिकॉर्ड किया गया। यहां घाघरा लाल निशान से 26 सेंटीमीटर नीचे बह रही है। सरयू ड्रेनेज खंड प्रथम के सहायक अभियंता बीबी पाल ने बताया कि शनिवार की सुबह आठ बजे शारदा बैराज से एक लाख 53 हजार 584, गिरिजापुरी बैराज से एक लाख 72 हजार 973 व सरयू बैराज से 13 हजार 418 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।

जिले की नदियों का जलस्तर

  • नदी        बैराज               लाल निशान        जलस्तर
  • घाघरा      गिरजापुरी          136.80            135.80
  • घाघरा      एल्गिन ब्रिज        106.07            106.336
  • घाघरा      घूरदेवी               112.135          111.870
  • सरयू        गोपिया               133.55            131.85
  • शारदा      शारदा                135.15            135.20

(जलस्तर मीटर में है)

Edited By: Vikas Mishra