यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 16, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
बागपत के एक गांव में २४ घंटे में बुखार से पांच मौत
बागपत के बोड्ढ़ा गांव में अल सुबह एक साथ तीन मौतें होने से सनसनी फैल गई। पिछले २४ घंटे में ...और पढ़ें

लखनऊ। बागपत के बोड्ढ़ा गांव में अल सुबह एक साथ तीन मौतें होने से सनसनी फैल गई। पिछले २४ घंटे में कुल चार मौतें हो चुकी हैं। वहीं पांचवीं मौत तीन दिन पूर्व की बताई जा रही है। आनन-फानन में पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में शिविर लगाकर ग्रामीणों के स्वास्थ्य की जांच की और उनके खून की स्लाइड बनाई। पांच मौतों से गांव में दहशत का माहौल है। महामारी फैलने की अफवाह भी जोरों पर हैं। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि इनमें कोई भी मौत डेंगू या अन्य बुखार से नहीं हुई है। सभी लोग किसी ने किसी पुरानी बीमारी से पीड़ित थे। छपरौली क्षेत्र के सीमावर्ती गांव बोड्ढ़ा में बुधवार को सवेरे तीन अर्थियां एक साथ उठने से तरह-तरह के कयास लगाए जाने लगे। प्रशासनिक और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी गांव पहुंचे। छपरौली सीएचसी से डा. केके त्रिपाठी, डा. मंसूर, डा. केदार नाथ की टीम मौके पर पहुंची और मौतों की जांच पड़ताल शुरू की। इस संबंध टीम के सदस्य डा. मंसूर ने बताया कि सभी मौतें पुरानी बीमारी के चलते हुई। मरने वालों की उम्र भी ६० साल से ऊपर है। इस दौरान करीब १५० मरीजों की जांच की गई और उनके खून की स्लाइड बनाई।
इनकी हुई मौत
१. महेंद्र सिंह (४८) पुत्र रामभजन
२. भरपाई (७२) पत्नी रामचंद वर्मा
३. बलदेई (८०) पत्नी रामचंद्र
४. अख्तरी (५५) पत्नी सत्तार
५. चंद्रभान (६२) पत्नी खजान सिंह
चिकित्सकों के मुताबिक महेंद्र सिंह, अख्तरी तथा चंद्रभान का इलाज हरियाणा और पानीपत के विभिन्न अस्पतालों में चल रहा था। सभी पुरानी बीमारियों से पीड़ित थे। इसके अलावा भरपाई व बलदेई का इलाज गांव में ही चल रहा था।
