लखनऊ के दो सहित प्रदेश के पांच बस स्टेशन को मिलेगा एयरपोर्ट जैसा लुक, परिवहन निगम ने शुरू की तैयारी
Bus Stations With Airport Like Facilities: योजना के तहत चयनित निजी कंपनियों को बस स्टेशन का विकास करने और वहां ...और पढ़ें

बस स्टेशनों पर यात्रियों को एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं मिलेंगी
HighLights
पीपीपी के तहत संवारे जाएंगे जानकीपुरम व कैसरबाग सहित पांच बस स्टेशन
परिवहन निगम ने दूसरे चरण में प्रदेश के 49 बस स्टेशनों के लिए मांगी निविदा
13 बस स्टेशनों के लिए आवेदन, मुख्यमंत्री अध्यक्षता में कैबिनेट लगाएगी मुहर
धर्मेश अवस्थी, लखनऊ : सूबे की राजधानी को नया बस स्टेशन मिलने के साथ पुराने सभी स्टेशनों का कायाकल्प होगा। परिवहन निगम अब दूसरे चरण के पांच बस स्टेशनों को प्राइवेट पब्लिक पार्टनरशिप (पीपीपी) के तहत संवारेगा।
इस योजना के तहत जहां बस स्टेशनों पर यात्रियों को एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं मिलेंगी। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में होने वाली कैबिनेट में पांच बस स्टेशनों को स्वीकृत करने का प्रस्ताव भेज दिया है।
परिवहन निगम के पीपीपी मॉडल के तहत बस स्टेशनों को विकसित करने का पूरा खर्च निजी कंपनियां उठाती हैं, जिससे सरकार या परिवहन निगम पर आर्थिक बोझ नहीं पड़ता है। माडल के पहले फेज में लखनऊ के विभूतिखंड, चारबाग व अमौसी सहित 23 बस स्टेशनों का विकास हो रहा है।
योजना के तहत चयनित निजी कंपनियों को बस स्टेशन का विकास करने और वहां व्यावसायिक गतिविधियां चलाने के लिए 90 वर्ष की लीज पर दिया जाता है। चयनित बस स्टेशनों को 'प्रीमियम बस स्टेशन' के रूप में विकसित किया जा रहा है। जहां यात्रियों के लिए आधुनिक वेटिंग एरिया, क्लीन टायलेट, टिकटिंग काउंटर और डिजिटल डिस्प्ले जैसी सुविधाएं होंगी।
इसके दूसरे चरण में प्रदेशभर के 49 बस स्टेशनों को चिन्हित करके निविदा निकाली गई थी, उनमें से 13 बस स्टेशनों के लिए आवेदन हुए। टेंडर की जांच के बाद पांच बस स्टेशनों नोएडा, खुर्जा, जानकीपुरम, कैसरबाग व बुलंदशहर का विकास पीपीपी के तहत कराने पर सहमति बनी है।
परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने बताया कि परिवहन निगम की ओर से शासन को प्रस्ताव भेजा गया है, ताकि मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में योजना पर मुहर लग सके। इससे निगम को 207.67 करोड़ रुपये कार्य शुरू होने से पहले मिलेंगे और इसके बाद वार्षिक शुल्क भी मिलता रहेगा।
ये हैं पांच बस स्टेशन
नाम क्षेत्रफल वर्गमीटर में
नोएडा 31819
जानकीपुरम 18445
कैसरबाग 8045
बुलंदशहर 12420
खुर्जा 14030
बस स्टेशनों पर होंगी ये सुविधाएं
टिकट काउंटर, पूछताछ केंद्र, वातानुकूलित प्रतीक्षालय (वेटिंग हाल) और लगेज काउंटर, रेस्तरां, काफी शाप, फास्ट फूड आउटलेट, शापिंग माल और व्यावसायिक दुकानें, मल्टीप्लेक्स सिनेमा घर और होटल व लाज, मेडिकल स्टोर, पुलिस बूथ, सुरक्षा नियंत्रण कक्ष, अग्निशमन व्यवस्था, बैंक, एटीएम, सार्वजनिक शौचालय, वाटर एटीएम, इलेक्ट्रिक बसों के लिए चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, बस-वे, बस पार्किंग, टैक्सी स्टैंड, आटो-रिक्शा स्टैंड, सार्वजनिक पार्किंग, कर्मचारियों के विश्राम कक्ष, प्रशासनिक कार्यालय, क्रेच (बच्चों का पालना घर) आदि।
दैनिक जागरण के अभियान के बाद खाली हुई थी जमीन
दैनिक जागरण ने शहर में अवैध शहर अभियान चलाया था, उस समय सीतापुर रोड पर एलडीए की इस जमीन पर अवैध झुग्गी बस्ती काबिज थी। मुख्यमंत्री ने अभियान का संज्ञान लेकर जमीन खाली कराई, एलडीए ने यह जमीन परिवहन निगम को बेच दी है। अब उसी पर अत्याधुनिक बस स्टेशन बनना है।
