लखनऊ (जेएनएन)। कैशियर श्याम सिहं हत्याकांड में पुलिस को पहली कामयाबी मिली है। उसने मुख्य आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है। मुख्य आरोपित राजस्थान के अलवर जिले का रहने वाला है। इस अलावा हत्या में शामिल तीन अन्य हत्यारोपित अभी भी फरार हैं। उन्हें पकड़ने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।

 

विभूतिखंड थाना क्षेत्र में दस लाख की लूटपाट के बाद कैशियर श्याम सिंह की हत्या के मामले में पुलिस दस दिन तक छानबीन करती रही पर कोई कामयाबी हाथ नहीं लगी थी। जिससे पीडि़त परिवार में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर आक्रोश भी था। श्याम सिंह के भतीजे प्रवीण सिंह ने बताया कि पुलिस से जब भी पूछो तो सिर्फ तहकीकात की बात कहती है लेकिन, ये नहीं पता पुलिस कौन सी तहकीकात कर रही है कि दस दिन बाद हत्यारों का अभी सुराग तक नहीं लग सका है। शुक्रवार को श्याम सिंह का दसवां था और पीडि़त परिवार हत्यारों की गिरफ्तारी न होने से बेहद आहत थे।

गौरतलब है कि मूलरूप से गोसाईंगंज के परेहटा गांव निवासी सेवानिवृत्त शिक्षक माता बख्श सिंह के बेटे श्याम सिंह विभूतिखंड क्षेत्र में पत्नी भावना सिंह व बेटी गुंचा सिंह व सुधि सिंह के साथ रहते थे और निजी गैस एजेंसी में काम करते थे। 29 अक्टूबर की सुबह दस बजे के करीब श्याम सिंह बैंक ऑफ इंडिया में रुपये जमा करने जा रहे थे। बैंक के सामने उर्दू एकेडमी रोड पर उन्होंने अपनी स्प्लेंडर बाइक बैंक के सामने परचून की दुकान पर खड़ी की और जैसे ही बैंक में रुपये जमा करने के लिए आगे बढ़े। दो बदमाश बाइक से आए और एक ने नीचे उतरकर श्याम सिंह को गोली मार दी। श्याम सिंह लहूलुहान होकर गिर पड़े और दोनों बदमाश बाइक से मधुरिमा रेस्टोरेंट के सामने से होते हुए भाग निकले। लोहिया अस्पताल में डॉक्टरों ने श्याम सिंह को मृत घोषित कर दिया था।

Posted By: Anurag Gupta

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