लखनऊ, जागरण संवाददाता। लेवाना की घटना की अभी जांच चल ही रही थी कि मंगलवार को हजरतगंज में कैलाश कला भवन में संचालित रायल कोचिंग में आग लग गई। आग लगते ही कोचिंग में अफरातफरी मच गई। 200 वर्गफीट के कमरे में 70 बच्चे पढ़ रहे थे। विद्युत पैनल व एसी में शार्ट सर्किट से लगी आग से भगदड़ मची और बच्चे भागकर बाहर निकले। दमकल कर्मियों की घंटों मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। आकाश, ग्रेविटी समेत 10 कोचिंग संस्थानों को सील कर दिया गया।

भवन में संचालित कोचिंग के साथ ही कार्यालयों को सील कर दिया गया और जांच शुरू कर दी गई। जांच में पाया गया कि शहर में स्थापित किसी भी कोचिंग संस्थान के पास फायर एनओसी नहीं है। बिना सुरक्षा मानकों के बड़ी बड़ी कोचिंगों का संचालन पूरे सिस्टम को कठघरे में लाकर खड़ा कर रहा है। शार्ट सर्किंट से लगी आग की खबर मिलते ही दमकल कर्मियों के साथ ही पुलिस कमिश्नर, नगर निगम जोन एक के अधिकारी राजेश सिंह भी मौके पर पहुंच गए। आग पर काबू पा लिया गया और किसी के हताहत होने की सूचना नही है।

लाखों रुपये लेकर कोचिंग पढ़ने वाले बच्चों की जान जोखिम मेें डालने वाले संचालकाें के ऊपर भी कार्रवाई की जाएगी। अपने रसूख के बल पर बिना मानक पूरे किए कोचिंग का संचालन करने वाले इस संचालकों के साथ ही अन्य विभागोें के जिम्मेदारों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। हजरतगंज ही नहीं, शहर के हर हिस्से में कोचिंगाें की भरमार है। ऐसे में जिस भवन में इनका संचालन होता है उस भवन के नक्शे को पास करने की जिम्मेदारी लखनऊ विकास प्राधिकरण की होती है। जांच में इन सबकी जांच होनी चाहिए।

Edited By: Vikas Mishra

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