लखनऊ, जेएनएन। एक बजे रात में आग लगी और दो घंटे बाद रेस्क्यू शुरू हुआ। स्थानीय लोगों का आरोप है कि अगर समय से मदद मिल जाती तो कइयों की जान बच सकती थी। पड़ोसी अरुण सिंह ने बताया कि रात करीब एक बजे आग लगी थी। सुमित के मकान से धुंआ और आग की लपटें निकलती देख वह बाहर निकले। सुमित को काफी आवाजें दी पर कोई उत्तर नहीं मिला। इस बीच शोर सुनकर आस पड़ोस के लोग जुट गए। लोगों ने पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी। कुछ ही देर में इंदिरानगर थाने का पुलिस बल पहुंचा।

आग का भयावह रूप देखकर कोई अंदर जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था। तीन बजे के बाद दमकल पहुंची और रेस्क्यू शुरू हुआ। समय से दमकल की मदद न मिलने के कारण पांचों ने तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया। दमकल कर्मियों और स्थानीय लोगों की मदद से किसी तरह जब पुनीत को निकाला गया, तब उसकी सांसे चल रही थीं। पर पुनीत को जिस एंबुलेंस से लोहिया भेजा गया उसमे ऑक्सीजन मॉस्क नहीं था। अस्पताल पहुंचते उसकी भी सांसे थम गई। 

 

चार घंटे के सर्च ऑपरेशन में मिले पांचों शव 

पुलिस और फायर की टीम ने चार घंटे तक सर्च आपरेशन कर सुबह 07:15 बजे तक पांचों शव निकाल लिए। सीएफओ के मुताबिक पूरे घर में भीषण धुंआ भरा था। कुछ दिखाई नहीं दे रहा था। फायर फाइटिंग दस्ते को टार्च दी गई। कई जवानों को बीए सेट पहनाकर अंदर दाखिल कराया गया। दस्ते ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया। इस बीच सबसे पहले पुनीत फिर मासूम बच्ची शक्ति और उसकी मां जूली का शव मिला। उसके बाद सुमित का शव मिला। चारों शव पांच बजे तक निकाल लिए गए। वहीं, काफी मशक्कत के बाद भी वंदना का कुछ पता नहीं चला। इस बीच रेस्क्यू टीम ने पीछे के रास्ते जेसीबी गोदाम की दीवार तोड़ दी। ऑपरेशन कर रही टीम छत पर पहुंची। वहां, बाथरूम और गोदाम के पास वंदना का शव पड़ा मिला। वंदना का शव 07:15 बजे निकाल कर बाहर लाया गया। 

पेट्रोल टैंक में विस्फोट से भयावह हुई आग 

स्थानीय लोगों ने बताया कि  रात करीब तीन बार बिजली की आवाजाही होती रही। बिजली की आवाजाही के कारण पैनल से चिंगारी निकली और नीचे खड़ी बाइक पर गिरी। बाइक की गद्दी जलने लगे। इस बीच बाइक का टैंक आग के संपर्क में आया तो धमाके के साथ विस्फोट हुआ। विस्फोट के बाद आग और भयावह हो गई। पूरा मकान आग की चपेट में आकर जलने लगा। 

बिना अग्नि सुरक्षा उपकरणों के अवैध रूप से बना रखा था गोदाम 

सीएफओ के मुताबिक गृह स्वामी ने बिना अग्नि सुरक्षा उपकरण के अवैध रूप से गोदाम बना रखा था। गोदाम में न तो कहीं वेंटीलेशन की जगह थी और न ही सुरक्षा के कोई बंदोबस्त थे। गोदाम की फायर एनओसी भी नहीं ली गई थी। पूरे प्रकरण की रिपोर्ट बनाकर जिलाधिकारी कार्यालय भेजी जाएगी। 

 

इंडियन टी20 लीग

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस