लखनऊ, जेएनएन। राजधानी के डॉ. राम मनोहर लोहिया संयुक्त चिकित्सालय में शुक्रवार दोपहर को तीसरे तल में आग लगने से अफरातफरी मच गई। कमरे से निकलता धुआं देख मरीज व तीमारदार घबरा गए और इधर-उधर भागने लगे। अस्पताल की फायरमैन टीम को आग बुझाने में करीब डेढ़ से दो घंटे का समय लग गया।

लोहिया अस्पताल के तीसरे तल पर 11:30 बजे कमरा नंबर 304 में लगे एसी में आग लग गई। इससे पूरी गैलरी में धुआं भर गया। यह देख वार्डों में भर्ती मरीजों में हड़कंप मच गया। लोग इधर-उधर जान बचाकर भागने लगे। अस्पताल की फायरमैन टीम के सदस्य वहां पहुंचे और आग बुझाने की कोशिश में लग गए। करीब डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। इस दौरान मरीजों की जान सांसत में रही। यहां सुबह से ही लाइट की आवाजाही बनी हुई थी। 

जान बचाकर भागा मरीज, कोई नहीं आया मदद को

वार्ड नंबर 304 में भर्ती मरीज के पैर में प्लास्टर बंधा था। जब उसने आग और धुआं देखा तो बदहवास होकर वह मदद के लिए चीखने लगा। कोई नहीं आया तो जैसे-तैसे चोटिल पैर लेकर ही भाग खड़ा हुआ। तब तक फायरमैन की टीम आ गई और उन्होंने आग बुझा दी।

एक्सरे के लिए घंटों परेशान रहे मरीज

लोहिया अस्पताल में शुक्रवार को एक्सरे मशीन खराब हो जाने से मरीज घंटों परेशान रहे। दो एक्सरे कक्ष में से एक कमरे में लगी मशीन करीब 11 बजे अचानक खराब हो गई। इससे इस कमरे को बंद कर दिया गया। दूसरे कक्ष में भी एक्सरे नहीं हो सका। मशीन में गड़बड़ी आ जाने से मरीजों का एक्सरे ढाई घंटे तक बाधित रहा। सड़क हादसे में घायल सआदतगंज निवासी रामकृपाल एक्सरे के लिए सुबह 10 बजे से कतार में लगे थे। घंटों कतार में स्ट्रेचर पर पड़े रहने के बाद करीब दो बजे उनका नंबर आया।

 

क्या कहते हैं जिम्मेदार? 

अस्पताल के निदेशक डॉ. डीएस नेगी का कहना है कि शॉर्ट-सर्किट की वजह से आग लगी थी। आग पर फायरमैन की टीम ने काबू पा लिया। कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ।

 

Posted By: Divyansh Rastogi