बाराबंकी, संवादसूत्र। लखनऊ-अयोध्या हाईवे पर 27 जुलाई की रात हुए भीषण हादसे में 18 लोगों की मौत के मामले में पुलिस ने एक और मुकदमा दर्ज किया है। यह मुकदमा पुलिस ने एआरटीओ प्रवर्तन राहुल श्रीवास्तव की तहरीर पर दर्ज किया है। जिसमें बस व ट्रक के चाल व मालिक सहित टोलकर्मियों को शामिल किया गया है।

वहीं जिलाधिकारी डा. आदर्श सिंह ने एनएचएआइ के अधिकारियों को तहसील में बुधवार सुबह बुलाकर कड़ी नाराजगी जताई और स्पष्टीकरण तलब किया है।

एआरटीओ ने मुकदमा दर्ज कराया है कि बस का एक्सल मंगलवार की शाम सात बजे टूटा था और साढ़े चार घंटे तक टोल प्लाजा की ओर से पेट्रोलिंग नहीं की गई। अगर पेट्रोलिंग की गई होती तो दुर्घटना से बचा जा सकता था। अज्ञात टोल कर्मियों और दोनों वाहन के स्वामियों व चालकों के खिलाफ लापरवाही, खतरनाक ड्राइविंग, लोगों की जान को खतरे में डालना, निषेधाज्ञा का उल्लंघन और महामारी अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है। एआरटीओ ने बताया कि बस स्वामी का नाम राजेश कुमार है जो ग्राम एटी कोठुआ सारंगपुर, थाना दरौंधा जिला सीवान बिहार का रहने वाला है जबकि ट्रक स्वामी का नाम मो. आदिल खिजली है जो कंचन गली हरी फाटक इंदौर का रहने वाला है। गौरतलब है कि 28 जुलाई को घायल हुए बिहार के एक यात्री फगुनी साहनी ने बस, ट्रक के चालकों और ट्रेवल्स एजेंसी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। अब पुलिस के सामने इन आरोपितों को चिन्हित करने और गिरफ्तारी की चुनौती है।

यह था हादसा: 

बता दें कि लखनऊ-अयोध्या हाईवे पर मंगलवार देर रात बड़ा हादसा हुआ था। रामसनेहीघाट के कल्याणी नदी के पुल पर खराब खड़ी ऋषभ टेवल्स की डबल डेकर बस में लखनऊ की ओर से आ रहे ट्रक ने जोरदार टक्कर मार दी। इससे बस में सवार और नीचे सो रहे लोग उसकी चपेट में आ गए। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस में सवार करीब 135 यात्रियों में से 18 लोगों की मौत हो गई, जबकि 23 घायल हो गए। छह लोगों को जिला अस्पताल में उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई, जबकि एक का इलाज चल रहा है। नौ को गंभीर हालत में लखनऊ ट्रामा सेंटर रेफर किया गया है। हरियाणा के पलवल से बिहार जा रही बस में सभी यात्री बिहार के विभिन्न जिलों के रहने वाले थे।

 

Edited By: Rafiya Naz