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लखनऊ में हिंद चैरिटेबल ट्रस्ट के चेयरमैन समेत अन्य पर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी में FIR

By Santosh Tiwari Edited By: Dharmendra Pandey
Published: Thu, 05 Feb 2026 01:36 PM (GMT+05:30)

FIR Against Hind Charitable Trust: हिंद चैरिटेबल ट्रस्ट के अंतर्गत संचालित हिंद इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज लखनऊ, बाराबंकी व सीतापुर ...और पढ़ें

कोर्ट के आदेश पर कैसरबाग कोतवाली में दर्ज हुआ मामला

कोर्ट के आदेश पर कैसरबाग कोतवाली में दर्ज हुआ मामला

HighLights

  1. धर्मार्थ कार्य के लिए बनाए गए ट्रस्ट के व्यावसायिक उपयोग का आरोप

  2. कूट रचित दस्तावेज से फर्जीवाड़ा करने और करोड़ों रुपये अन्य खातों में ट्रांसफर कराने की शिकायत

  3. कोर्ट के आदेश पर कैसरबाग कोतवाली में दर्ज हुआ मामला 

जागरण संवाददाता, लखनऊ: बहराइच के बृज किशोर सिंह ने लखनऊ के हिंद मेडिकल ट्रस्ट के चेयरमैन अमोद कुमार सचान समेत अन्य पर कैसरबाग थाने में धोखाधड़ी और विश्वासघात समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है। कोर्ट के आदेश पर बुधवार शाम को मामला दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की है।

बहराइच के रायपुर राजा के बृज किशोर सिंह ने बताया कि 2004 में उन्होंने धर्मार्थ कार्य के लिए ट्रस्ट बनाया था। इसमें इंदिरा नगर के नीलगिरि काम्प्लेक्स निवासी चिकित्सक प्रोफेसर अमोद कुमार सचान, सुशीला चौधरी, चिकित्सक हरीश चंद्र, अमोद कुमार की पत्नी रिचा मिश्रा, सुनील कुमार वर्मा और मधु चौधरी शामिल थे। सब की सहमति से अमोद को ट्रस्ट का चेयरमैन बनाया गया और अन्य लोग वाइस चेयरमैन बने।

ट्रस्ट के खाते बैंक आफ बड़ौदा निशातगंज और इंडियन ओवरसीज बैंक मुंशीपुलिया में खोले गए। बृज किशोर के मुताबिक उन्हें हाल ही में पता चला कि ट्रस्ट के दोनों खातों के अलावा एचडीएफसी बैंक में कई खाते खोले गए हैं। एचडीएफसी बैंक के मुख्यालय में जानकारी की तो पता चला कि अमोद ने ट्रस्ट डीड की कापी में कूटरचित तरीके से बदलाव कर बैंक में खाते खोले और अन्य ट्रस्टी के नाम षड्यंत्र के तहत हटा दिए।

पूर्व में ट्रस्टी हरीश चंद्र और सुनील की मौत भी हो चुकी है। इस दौरान अमोद ने खुद को चेयरमैन और अपनी पत्नी को वाइस चेयरमैन दिखाया। आरोप है कि डीड की कापी के आधार पर अमोद ने करोड़ों रुपये की ओडी (ओवरड्राफ्ट) लिमिट और बैंक गारंटी ली है।

बृज किशोर के मुताबिक, उन्होंने जानकारी के बाद मामले की शिकायत कैसरबाग थाने में की लेकिन सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद कोर्ट में गुहार लगाई। कोर्ट के आदेश पर बुधवार को कैसरबाग कोतवाली में मुकदमा दर्ज हुआ। इंस्पेक्टर एके मिश्रा ने बताया कि मामले की छानबीन की जा रही है।