लखनऊ में आजम खां के खिलाफ FIR दर्ज, हज समिति की जमीन बेचने में गड़बड़ी का आरोप
Azam Khan: विजिलेंस ने मामले में धोखाधड़ी समेत भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।

समाजवादी पार्टी के संस्थापकों में से एक आजम खां
HighLights
पूर्व मंत्री आजम खां के साथ पांच अन्य हैं आरोपी
आजम खां के फैसले से ₹2.08 करोड़ के राजस्व नुकसान की पुष्टि
डिजिटल डेस्क, लखनऊ। समाजवादी पार्टी के संस्थापकों में से एक आजम खां के खिलाफ गुरुवार को लखनऊ में मुकदमा दर्ज किया गया है। आजम खां के खिलाफ हज समिति की जमीन बेचने में गड़बड़ी का आरोप था, जिसमें बड़े राजस्व की हानि की पुष्टि होने के बाद विजिलेंस ने केस दर्ज किया है।
उत्तर प्रदेश राज्य हज समिति की जमीन की बिक्री में गड़बड़ी के मामले में विजिलेंस ने समाजवादी पार्टी के नेता और उत्तर प्रदेश हज समिति के पूर्व अध्यक्ष आजम खां समेत पांच लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
विजिलेंस जांच में जमीन की बिक्री से समिति को 2.08 करोड़ रुपए के राजस्व नुकसान की पुष्टि हुई है। आरोप है कि निजी फर्म को फायदा पहुंचाने के लिए जमीन की बिक्री में नियमों की अनदेखी की गई और पद का दुरुपयोग किया गया। विजिलेंस ने आरोप लगाया है कि आरोपियों ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए निजी फर्म को लाभ पहुंचाने के लिए जमीन की बिक्री में निर्धारित नियमों की अनदेखी की।
धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार के तहत केस
विजिलेंस ने मामले में धोखाधड़ी समेत भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। FIR के बाद मामले की विवेचना इंस्पेक्टर संजय कुमार सिंह को सौंपी गई है।
आजम खां समेत पांच हैं आरोपी
इस प्रकरण में तत्कालीन हज समिति अध्यक्ष आजम खां के अलावा सचिव रहे लईक अहमद व डॉ. एमएए खान को आरोपी बनाया गया है। इनके साथ आमिश डेवलपर्स के प्रोपराइटर मो. अयूब और मुस्तकीम अहमद को भी आरोपी बनाया गया है।
ऐशबाग के कायमखेड़ा में थी 60 हजार वर्गफीट जमीन
विजिलेंस के लखनऊ सेक्टर में इंस्पेक्टर ध्रुव चंद्र मौर्य की तहरीर पर FIR दर्ज की गई है। राजधानी के ऐशबाग क्षेत्र के कायमखेड़ा (दुगांवा) की जमीन से जुड़ा यह मामला है। यहां खसरा संख्या-117 में राज्य हज समिति की करीब 60 हजार वर्गफीट जमीन बताई गई है। जांच में सामने आया कि इस जमीन की बिक्री में नियमों का पालन नहीं किया गया। विजिलेंस के मुताबिक, इससे समिति को राजस्व का नुकसान हुआ।
दो वर्ष पहले दिया गया था जांच का आदेश
शासन ने शिकायत मिलने के बाद जमीन की बिक्री में नियमों का पालन नहीं करने के प्रकरण में तीन मई 2024 को जांच के आदेश दिए थे। शिकायत में हज समिति की जमीन की बिक्री में अनियमितता और निजी फर्म को लाभ पहुंचाने का आरोप लगाया गया था। विजिलेंस की जांच के दौरान जमीन की बिक्री से जुड़े दस्तावेजों और प्रक्रिया की पड़ताल की गई। जांच के बाद राजस्व नुकसान की पुष्टि होने पर अब मुकदमा दर्ज किया गया है।
